पेंशन सहित विभिन्न मांगो कों लेकर सेवा निवृत कर्मियों नें प्रधानमंत्री कों सम्बोधित ज्ञापन तहसीलदार टनकपुर कों सौंपा, समस्याओं के निदान की करी मांग।
टनकपुर (चम्पावत)। ईपीएस 95- पेंशन 7500/- महीना करने एव पेंशनभोगियों के ज्वलंत मुद्दों के निराकरण के लिए सेवा निवृत कर्मियों नें प्रधानमंत्री कों सम्बोधित ज्ञापन तहसीलदार जगदीश गिरी कों सौंपा। जिसमें पेंशन सहित अन्य समस्याओं का समाधान किये जाने की मांग की गयीं हैं।
सेवा निवृत कर्मियों नें कहा राज्य एवं केंद्र सरकार के सार्वजनिक / निजी एवं मीडिया क्षेत्र एवं औद्योगिक / सहकारी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारी यानी कि EPS 95 पेंशनर्स, जिनकी देश में संख्या 78 लाख है। रोडवेज बिजली बोर्ड, सहकारी बैंक, क्रेडिट सोसायटी, कारखाने, धागा मिल, बीड़ी उद्योग, एमआईडीसी, कृषि उद्योग विकास निगम, खाद्य एवं वस्त्र निगम आदि सहित देश के विभिन्न 186 उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों ने अपनी सेवा के दौरान पेंशन निधि में प्रति माह 417/541/1250 रुपए का योगदान दिया है। योगदान के कारण, ईपीएस 95 योजना और एनपीएस दोनों अलग-अलग हैं।, उन्हें मासिक औसतन पेंशन राशि रु.1170/-मिलने के कारण एवं मेडिकल सुविधा के अभाव में अत्यंत दयनीय अवस्था में जीवन जी रहे हैं और पेंशन की आस लगाए सैकड़ों की संख्या में कर्मी प्रतिदिन इस संसार से विदा हो रहें हैं।
उन्होंनें कहा हमारे संगठन द्वारा पिछले 8 वर्षों वृद्ध EPS 95 पेंशनर्स को न्याय प्रदान करवाने की दृष्टि से तहसील स्तर से राष्ट्रीय स्तर (दिल्ली स्तर) तक विविध प्रकार के अनेकानेक आंदोलन किए गए व संघर्ष अभी भी जारी है, अनेक सांसदों ने यह मुद्दा सदन में भी उठाया है। 2013 में सांसद भगत सिंह कोश्यारी की अध्यक्षता में गठित समिति ने न्यूनतम पेंशन 3,000 रुपये करने और इसे मुद्रास्फीति सूचकांक से जोड़ने की सिफारिश की थी। हालाँकि, 01.09.2014 से न्यूनतम पेंशन केवल रु. 1000 किया गया है। पिछले 10 वर्षों में बढ़ती मुद्रास्फीति सूचकांक को ध्यान में रखते हुए ईपीएस 95 के तहत उपलब्ध न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये बढ़ाकर 7500 रुपये कर दी जानी चाहिए थी। ईपीएस 95 पेंशनर्स न्यूनतम पेंशन 7500/- महीना व मंहगाई भत्ता, पति-पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा, तथा बिना किसी भेदभाव के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय दिनांक 04.10.2016 व 04.11.2022 के अनुसार वास्तविक वेतन पर उच्च पेंशन का लाभ आदि मांगों को लेकर पिछले 8 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। संगठन का मुख्यालय बुलढाणा में है, वहां पर उपरोक्त ईपीएस 95 की मांग को लेकर 24 दिसंबर 2018 से जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने क्रमिक भूख हड़ताल चल रही है। आज इस भूख हड़ताल को छह साल हो गये हैं। आज जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन महोदय को प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंनें प्रधानमंत्री स्वयं दो बार संगठन के प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन दे चुके हैं तथा श्रम मंत्री भी कई बार आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी मांगें स्वीकृत न होने तथा पेंशनर्स के समक्ष जीवन-मरण की स्थिति उत्पन्न होने के कारण पेंशनर्स में रोष है, लेकिन आपके आश्वासनों से आशा भी जगी है। इसमें आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंनें संसद के इसी सत्र में ईपीएस 95 बुजुर्ग एवं अति अल्प पेंशन धारकों की मांगों को स्वीकृत करने की पुरजोर मांग की हैं।
इस दौरान मोहन सिंह कार्की, भगवान चंद, खीमानन्द जोशी, भूपराम, जोगा सिंह, महेश चंद्र शर्मा, भुवन चंद्र आर्य, योगेश सिंह चंद, शमशेर बहादुर चंद, किशन लाल, मदन गोपाल और रेवाधर चौड़ाकोटी मौजूद रहें।