वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी व वनाग्नि नियंत्रण हेतु गांव को गोद लेने के सम्बन्ध में बैठक का किया गया आयोजन, दो गांव लिए गोद।
चम्पावत। मंगलवार को बूम वन क्षेत्र के सूखीढांग अनुभाग अन्तर्गत पंचायत भवन ग्राम पंचायत जौल में वनाग्नि सुरक्षा गोष्ठी व वनाग्नि नियंत्रण हेतु गांव को गोद लेने के सम्बन्ध में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ग्राम पंचायत जौल के सूखीढांग, जौल के ग्रामीण एवं गणमान्य व्यक्ति तथा वन पंचायत सरपंच जौल व सूखीढांग द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक में अनुभाग अधिकारी सूखीढांग द्वारा वनों को अग्नि से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। ग्रामवासियों द्वारा संकल्प लिया गया कि वनाग्नि नियंत्रण, वनाग्नि की घटनाओं पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने, नाप भूमि से वनों को आग ना जाने हेतु खेतों में आड़ा कूड़ा जलाने पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जाएगा तथा सभी को जागरूक किया जाएगा। वनाग्नि काल में वनाग्नि नियंत्रण में वन विभाग को पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया गया। बैठक में अनुभाग अधिकारी सूखीढांग द्वारा वनाग्नि सुरक्षा हेतु ग्राम जौल एवं सूखीढांग को गोद लिया गया। समस्त ग्राम वासियों द्वारा विभाग की इस पहल को सराहा गया तथा समस्त ग्रामवासियों द्वारा गांवों के पंचायती वनों के संवर्द्धन में अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इस दौरान गिरीश चन्द्र जोशी वन दरोगा, राजेन्द्र प्रसाद ग्राम प्रहरी जौल, लीलावती, सरपंच वन पंचायत जौल, ममता देवी सरपंच वन पंचायत सूखीढांग, हरेन्द्र सिंह पूर्व ग्राम प्रधान जौल के अलावा कृष्णराम, देवेन्द्र सिंह बोहरा, गंगा राम, जगदीश कलौनी, सतीश चन्द्र तिवारी, शंकर दत्त जोशी, दशरथ सिंहसहित अन्य लोग शामिल रहें।