प्रशासन द्वारा जारी सूचना पर खबर प्रकाशित होनें पर राजस्व बकायेदार द्वारा सोशल मीडिया के पत्रकारों के विरुद्ध थाने में दी गयीं तहरीर से पत्रकारों में आक्रोश, बैठक कर पुलिस कार्यवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम को सम्बोधित ज्ञापन देकर सरकारी खबरों के प्रकाशन पर जताई असमर्थता।

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प्रशासन द्वारा जारी सूचना पर खबर प्रकाशित होनें पर राजस्व बकायेदार द्वारा सोशल मीडिया के पत्रकारों के विरुद्ध थाने में दी गयीं तहरीर से पत्रकारों में आक्रोश, बैठक कर पुलिस कार्यवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम को सम्बोधित ज्ञापन देकर सरकारी खबरों के प्रकाशन पर जताई असमर्थता।

टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर में प्रशासन द्वारा जारी सूचना का प्रकाशन करना सोशल मीडिया पत्रकारों के लिए मानो गुनाह हो गया हो, डिजिटल मीडिया के पत्रकारों को अपनी हनक दिखाते हुए प्रशासन के डिफॉल्टर नें कोतवाली में तहरीर देकर सोशल मीडिया पर पुलिस के द्वारा दवाब बनाने की नाकाम कोशिश की। लेकिन पुलिस नें भी तहरीर देने के 24 घंटे के भीतर पत्रकारों को थाने बुलाकर अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी डिफाल्टर की तहरीर पर तवज्जो देकर उसके इरादों को मजबूत किये जाने का का काम किया है, जिसके चलते सोशल मीडिया पत्रकार खासे आक्रोशित है। उन्होंनें बैठक कर मामले की निंदा करते हुए समाधान न होनें की दशा प्रशासनिक खबरों से भी गुरेज किये जाने का ऐलान किया है।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान समय में पीड़ितों को भले ही थानों में न्याय के लिए दर दर भटकना पड़ता हो, लेकिन अगर पत्रकारों के खिलाफ कोई मामला आए तो उत्तराखंड पुलिस की तत्परता देखते ही बनती है। ऐसा ही ताजा मामला चंपावत जिले के टनकपुर में भी देखने को मिला। जहां टनकपुर तहसील प्रशासन द्वारा पांच लाख के बकायेदार पर की गई कार्यवाही की सूचना पर पत्रकारों को खबर प्रकाशन करना पुलिस की नजर में गुनाह हो गया। तहसील प्रशासन के बकायेदार (डिफॉल्टर) की दी तहरीर पर टनकपुर पुलिस नें पत्रकारों की थाने में पेशी के आदेश जारी कर दिए। जिसके उपरांत अब सीमांत टनकपुर क्षेत्र में कार्य कर रहे सोशल मीडिया पत्रकारों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भारी आक्रोश है। इस मामले को लेकर मंगलवार को टनकपुर में बैठक कर सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर अपना आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही टनकपुर एसडीएम आकाश जोशी को ज्ञापन सौंप कर प्रशासन द्वारा जारी सूचना के प्रकाशन पर सोशल मीडिया के पत्रकारों को ही निशाना बनाए जाने पर व उक्त प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित व्यक्ति द्वारा टनकपुर कोतवाली पुलिस को पोर्टल्स पत्रकारों के खिलाफ दी गई तहरीर पर टनकपुर पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर ही संबंधित पत्रकारों की कोतवाली में पेशी लगाए जाने सम्बन्धी तत्परता से स्थानीय पत्रकार आश्चर्यचकित है। हालांकि उक्त मामला फौजदारी का ना होकर राजस्व से जुड़ा हुआ था। लेकिन उसके बावजूद भी पुलिस द्वारा राजस्व के बकायेदार (डिफॉल्टर) की तहरीर पर टनकपुर के पत्रकारों को थाने में बुलवाकर स्पष्टीकरण लिखवाना सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के मनोबल को तोड़ना व राजस्व विभाग के लाखों के बकाएदारों के हौसलों को बुलंद करना प्रतीत हो रहा है । जबकि प्रशासन द्वारा जारी उक्त सूचना सभी प्रमुख दैनिक अखबारों में भी प्रकाशित हुई थी। लेकिन सिर्फ पोर्टल से जुड़े पत्रकारों को ही निशाना बनाना कहीं ना कहीं एक साजिश की तरफ इशारा करता है। जिस पर सोशल मीडिया के पत्रकारों ने रोष व्यक्त किया।

टनकपुर में पत्रकार बाबूलाल यादव के नेतृत्व में सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने टनकपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर उक्त मामले में पत्रकारों के साथ पुलिस द्वारा की गई कार्यप्रणाली पर प्रशासन द्वारा अपने स्तर से ठोस कदम उठाने, व जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा उक्त मामले का संज्ञान ले जानपक्षीय पत्रकारिता करने वाले सोशल मीडिया पत्रकारों को प्रशासन की आधिकारिक सूचना के प्रकाशन पर सिर्फ ओर सिर्फ प्रशासन के बड़े बकायेदार की तहरीर पर थाने बुला लेने पर नाराजगी व्यक्त कर कार्यवाही की मांग की है। ताकि जनपक्षीय पत्रकारिता कर रहे सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों का मनोबल टूटने ना पाए।

वही टनकपुर के सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी भी जारी की है की अगर प्रशासन द्वारा उक्त मामले पर ठोस पहल नहीं होती है तो सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकार प्रशासनिक खबरों का पूर्ण बहिष्कार करने पर मजबूर होंगे। इसलिए सोशल मीडिया पत्रकारों के सम्मान व हितों के संवर्धन हेतु प्रशासन आवश्यक कार्यवाही करना सुनश्चित करें।

सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों की बैठक में पत्रकार बाबू लाल यादव, दीपक फुलेरा, आबिद सिद्दकी, विनोद पाल, शुभम गौड़, पुष्कर आदि शामिल रहे।वहीं दूसरी ओर प्रभारी कोतवाली टनकपुर सुरेन्द्र सिंह कोरंगा नें बताया पुलिस द्वारा पत्रकारों को सिर्फ मामले के समाधान के लिए जानकारी लेने के लिए बुलाया गया था।

बताते चले प्रशासन द्वारा जारी सूचना को जिले के तमाम न्यूज पोर्टल्स और दैनिक समाचार पत्रों नें प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था, लेकिन सिर्फ कुछ न्यूज पोर्टल की स्क्रीट शॉट लेकर थाने में तहरीर दिया जाना तत्कालीन राजस्व बकायेदार द्वारा दिया जाना चुनिंदा कलमकारों को टारगेट किये जाने का प्रमाण है, जिससे एक बड़े षड्यंत्र की बू आ रहीं है। जो उसकी नीयत पर सवालिया निशान खड़ा कर रहीं है, ये जाँच और स्पष्टीकरण का अहम् विषय होना सकता है ।

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