नहीं रहे कुमाऊं के महान क्रांतिकारी एवं राज्य आंदोलन के प्रणेता नाथ लाल शाह, रिशेश्वर घाट में हुआ अंतिम संस्कार, तमाम लोगों नें दी नम आँखों से अंतिम विदाई।

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नहीं रहे कुमाऊं के महान क्रांतिकारी एवं राज्य आंदोलन के प्रणेता नाथ लाल शाह, रिशेश्वर घाट में हुआ अंतिम संस्कार, तमाम लोगों नें दी नम आँखों से अंतिम विदाई।

➡️ सदा के लिए अवसान हो गया राज्य आंदोलन की चिंगारी को शोला बनाने वाले नेता का।

गणेश दत्त पाण्डेय – वरिष्ठ पत्रकार

लोहाघाट। राज्य आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार एवं अन्याय के लिए लड़ मरने वाले प्रमुख फुटबॉल के खिलाड़ी आजीवन लोहाघाट की रामलीला के संचालक एवं अपनी स्पष्ट वादिता के लिए विशिष्ट स्थान रखने वाले नाथ लाल शाह का 93 वर्ष की अवस्था में निधन हो गया। उन्हें अंतिम समय तक इस बात का मलाल रहा कि जिन भावनाओं को लेकर राज्य आंदोलन की लड़ाई लड़ी गई उसका प्रतिफल लोगों को नहीं मिला। वे लोहाघाट नगर पंचायत के सभासद तथा कुछ समय के लिए अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने राज्य आंदोलन के लिए पूरे उत्तराखंड का पैदल भ्रमण कर जन जागरण किया।

उनका अंतिम संस्कार रिशेश्वर घाट में किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों नें अपने प्रिय नेता को अंतिम श्रद्धांजलि दी। उनके पुत्र वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ईश्वरी लाल शाह एवं मुकेश शाह ने पिताश्री कों मुखाग्नि दी। प्रमुख राज्य आंदोलनकारी एडवोकेट नवीन मुरारी,अध्यक्ष गोविंद वर्मा, सतीश चंद्र पांडे, भास्कर मुरारी, बृजेश महारा, पूर्व अध्यक्ष भूपाल मेहता, भूपेश देव, गणेश पुनेठा, शिक्षक नेता गोविंद बोहरा सहित तमाम प्रमुख लोगों की आंखें नम हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, उक्रांद के संस्थापक अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी,विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी एम एस बिष्ट आदि तमाम लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

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