टनकपुर में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पवित्र शारदा नदी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद धूल से भी स्नान करने पर विवश हुए श्रद्धालु।
टनकपुर (चम्पावत)। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सैकड़ो तीर्थ यात्रियों नें पवित्र शारदा नदी में आस्था की डुबकी लगायी, जिसके बाद तीर्थयात्रियों नें शिव मंदिरो के साथ ही माता श्री पूर्णागिरि धाम को प्रस्थान किया। लेकिन उससे पहले शारदा घाट में तमाम तीर्थयात्रियों को धूल से स्नान करने पर भी विवश होना पड़ा। तेज हवा के कारण शारदा घाट में उड़ती धूल से तमाम भक्तो को सराबोर होना पड़ रहा हैं, जिसके चलते लोगों की धार्मिक भावनाये आहत हो रहीं हैं। बरसात के बाद अभी तक शारदा घाट में भरी धूल मिट्टी से लोगों को अभी भी राहत नहीं मिल पायी हैं, जबकि 15 मार्च से उत्तर भारत का सबसे बड़ा माँ पूर्णागिरि मेला शुरू होनें जा रहा हैं।
उल्लेखनीय हैं मानसून काल में उफनाई शारदा नदी से शारदा घाट के अलावा लोगों की दुकानों और घरों में दो से ढाई फिट रेता मिट्टी भर गयीं, घर और दुकानों की मिट्टी को तो जैसे तैसे लोगों नें साफ कर लिया, लेकिन शारदा घाट की मिट्टी से लोगों को पूरी तरह अभी भी निजात नहीं मिली हैं। इसी शारदा घाट में मेले के दौरान जहाँ नगर पालिका को लगने वाली दुकानों से आय होती हैं तो वहीं लाखों रूपये मुंडन के ठेके से प्राप्त होते हैं। लेकिन उसके बाद भी लोगों को शारदा घाट में धूल फांकने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। शारदा बस्ती के लोगों नें कहा हमें उम्मीद थीं कि नगर पालिका चुनाव संपन्न होनें के बाद नये बोर्ड का गठन होनें के बाद हमें इन परेशानियों से छुटकारा मिल जायेगा, लेकिन चुनाव संपन्न होनें के बाद एक महीना बीत जाने पर हालात जस के तस हैं। उन्होंनें कहा मेला शुरू होनें में लगभग दो सप्ताह का समय शेष हैं लेकिन शारदा घाट में अभी कोई सुधार देखने को नहीं मिल रहा हैं। उन्होंनें पालिका बोर्ड से शारदा घाट को धूल मिट्टी से मुक्त करते हुए व्यवस्थाओ को बेहतर किये जाने की मांग की हैं।