57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सितारगंज ने लगाया पशु चिकित्सा शिविरसीमावर्ती ग्राम बैलबंधगोठ में 74 पशुओं का हुआ उपचार।
बनबसा (चम्पावत)। 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, सितारगंज द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत–नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के ग्राम बैलबंधगोठ (समवाय बनबसा) में शुक्रवार को एक पशु चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन किया गया।यह शिविर दीपक सिंह जायडा, कार्यवाहक कमांडेंट 57 बटालियन एसएसबी के निर्देशन में आयोजित हुआ। शिविर का नेतृत्व डॉक्टर गुरविंदर जित सिंह, कमांडेंट (पशु चिकित्सा) द्वारा किया गया।
74 पशुओं का उपचार, ग्रामीणों को मिला लाभ…
शिविर में ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए अपने पशुओं का उपचार कराया। कुल 18 ग्रामीणों के 74 पशुओं का इलाज किया गया।
गंभीर बीमारियों से बचाव की दी जानकारी…
डॉक्टर द्वारा पशुपालकों को पशुओं में होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे खुरपका, मुहपका,गलघोटू, डिवॉर्मिंग प्रजनन संबंधी समस्याएं मिल्क फीवर,कीटोसिस तथा उनके बचाव, रख-रखाव और खान-पान संबंधी उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
डेयरी उद्योग और रोजगार पर जोर…
शिविर में नाबार्ड के माध्यम से पशुपालन हेतु ऋण सुविधा एवं डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई, जिससे ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
अधिकारियों व जवानों की रही मौजूदगी…
कार्यक्रम में सुरेन्द्र सिंह, सहायक कमांडेंट, मुख्य आरक्षी हरमुख सिंह, आरक्षी भूपेन्द्र सहित एसएसबी के कई जवान तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे कार्यक्रम..
अंत में डॉक्टर गुरविंदर जित सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिकों के उत्थान हेतु सशस्त्र सीमा बल द्वारा इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम भविष्य में भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

