हादसा – टनकपुर खटीमा हाइवे पर जगबूढ़ा के नजदीक जंगल क्षेत्र में अजीबोगरीब हादसा, स्कूटी सवार शिक्षिका की जंगली हाथी से टक्कर महिला जख़्मी हाथी का दाँत टूटा, बड़ा हादसा टला।
टनकपुर/खटीमा। टनकपुर-खटीमा हाईवे पर जगबूड़ा पुल के पास चकरपुर की ओर जंगल क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक अजीबोगरीब दर्दनाक हादसा होने की जानकारी सामने आ रहीं हैं। टनकपुर से स्कूटी से जा रही शिक्षिका निकिता राय की अचानक सड़क पर आए जंगली हाथी से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि हाथी का एक दांत भी टूट गया। हादसे के बाद हाथी वापस जंगल की ओर भाग गया, जबकि घायल शिक्षिका को स्थानीय लोगों की मदद से निजी अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जंगल क्षेत्र होने के कारण सड़क पर अचानक वन्यजीव आ जाने से दुर्घटना हुई। बताया जा रहा है कि शिक्षिका अपनी स्कूटी से जा रही थीं, तभी अचानक सामने हाथी आ गया और टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि मौके पर मौजूद लोग सहम गए। घटना के बाद आवागमन करते लोगों लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए घायल शिक्षिका की तुरंत सहायता की। राजकीय इंटर कॉलेज गैंडाखाली एवं राजकीय इंटर कॉलेज सूखीढांग का स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। शिक्षिका शाइस्ता परवीन ने घायल निकिता राय को सहारा देकर उनका हौसला बढ़ाया।
इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज गैंडाखाली के शिक्षक रवि बगोटी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायल शिक्षिका को सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की। कुछ ही देर में उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। बाद में 108 एंबुलेंस की सहायता से घायल शिक्षिका को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके पर रेखा कन्याल, पीएम शाह, डॉ. आर.बी. यादव, विक्रम सिंह धामी तथा इंटर कॉलेज सूखीढांग के शिक्षक महेंद्र पाल सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। स्थानीय लोगों ने जंगल क्षेत्र में वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को लेकर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर चेतावनी संकेत और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने के साथ ही नियमित गश्त की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
बताया जा रहा हैं वन विभाग ने मौके से टूटा हुआ हाथी दांत बरामद कर अपने कब्जे में ले लिया है। चिकित्सकों द्वारा शिक्षिका की कमर में चोट बताई है और कुछ दिन आराम की सलाह दी है। वन विभाग के रेंजर हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि घटनास्थल से टूटा हाथी दांत सुरक्षित कब्जे में ले लिया गया है। क्षेत्र में हाथी की गतिविधियों को देखते हुए वन कर्मियों को गश्त पर लगाया गया है। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद नियमों के अनुसार मुआवजे की कार्रवाई अमल मे लायी जाएगी।

