घंटों इंतजार के बाद हुए देवी मां के दर्शन पूर्णागिरि धाम में उमड़े 20 हजार से अधिक श्रद्धालु, अब रात में नहीं होंगे दर्शन।

टनकपुर।नए साल 2026 के पहले दिन गुरुवार को मां पूर्णागिरि शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। करीब 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने घंटों लंबी कतारों में लगकर मां पूर्णागिरि के दर्शन किए और नववर्ष का शुभारंभ किया। भारी भीड़ को नियंत्रित करने में तैनात पुलिस बल को खासी मशक्कत करनी पड़ी।श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बुधवार मध्यरात्रि से काली मंदिर के पास बैरिकेडिंग की गई थी, जिसे गुरुवार सुबह करीब 7 बजे हटाया गया। हालांकि दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तीन घंटे से अधिक का इंतजार करना पड़ा।ठूलीगाड़ से भैरव मंदिर के बीच सड़क मार्ग पर कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब होने के कारण श्रद्धालुओं को मोबाइल की टॉर्च के सहारे मार्ग तय करना पड़ा, जिससे उन्हें काफी असुविधा हुई।
मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं का आगमन 31 दिसंबर दोपहर से ही शुरू हो गया था। बूम, ठूलीगाड़, भैरव मंदिर और मुख्य मंदिर परिसर में पुलिस कर्मियों के साथ-साथ मंदिर समिति के स्वयंसेवक भी व्यवस्थाओं में मुस्तैद रहे। मेले में पहुंचने वाले अधिकांश श्रद्धालु उत्तर प्रदेश से आए थे।मां के दर्शन के उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नेपाल के ब्रह्मदेव मंडी स्थित बाबा सिद्धनाथ के भी दर्शन किए, जिससे ब्रह्मदेव बाजार में भी दिनभर रौनक बनी रही।कोतवाल चेतन रावत ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं श्री मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के सदस्य किशन तिवारी ने जानकारी दी कि 2 जनवरी से 26 फरवरी तक श्रद्धालु सुबह 7 बजे से रात्रि 8 बजे तक ही माता के दर्शन कर सकेंगे। इस अवधि में रात्रि दर्शन की अनुमति नहीं होगी।




