सितारगंज–टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना: प्रभावित गांवों में भूमि क्रय-विक्रय व रजिस्ट्री पर रोक।

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सितारगंज–टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग फोरलेन परियोजना: प्रभावित गांवों में भूमि क्रय-विक्रय व रजिस्ट्री पर रोक।

चम्पावत। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-125 (नया एनएच-09) के सितारगंज से टनकपुर तक कि.मी. 0.000 से 52.200 के बीच चार लेन चौड़ीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) का कार्य परामर्शदात्री संस्था M/s Pioneer Infra Consultants Pvt. Ltd. द्वारा प्रगति पर है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही की जाएगी।परियोजना निदेशक, NHAI रुद्रपुर द्वारा जिलाधिकारी चम्पावत को भेजे गए पत्र के आधार पर तहसील पूर्णागिरी (टनकपुर) क्षेत्र के परियोजना से प्रभावित ग्रामों में भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री बैनामा तथा कृषि भूमि को गैर-कृषि में परिवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

➡️ इन गांवों में लागू होगी रोक.

परियोजना से प्रभावित जिन राजस्व ग्रामों में यह प्रतिबंध लागू रहेगा, उनमें प्रमुख रूप से

पचपखरिया, देवीपुरा, बनबसा, बमनपुरी, आनंदपुर, कुतुबा पट्टी, भजनपुर, चंदनी, मोचाई-विचई, मोहनपुर, छीनीगोठ, छीनीमल्ली, नायकखेड़ा, मनिहारगोठ सहित अन्य गांव शामिल हैं।

➡️अनापत्ति प्रमाण पत्र अनिवार्य.

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से प्रभावित किसी भी भूमि के संबंध में सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किए बिना कोई भी रजिस्ट्री, क्रय-विक्रय या भूमि की प्रकृति में परिवर्तन नहीं किया जाएगा।

➡️ नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई.

यदि प्रतिबंधित अवधि में किसी प्रकार का भूमि लेन-देन या भूमि उपयोग परिवर्तन किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी/कर्मचारी का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व तय करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजी जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

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