लोहाघाट के लाल का बड़ा कमाल, दीपक चन्द्र मुरारी ने गेट 2026 में अखिल भारतीय स्थान 20 प्राप्त कर रचा इतिहास।
➡️ किमोटा गांव से उठी प्रतिभा की गूंज देशभर में 14 से अधिक बार अभियंत्रण प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर दिखाई अदम्य मेहनत और जुनून.

लोहाघाट। सीमांत क्षेत्र लोहाघाट के समीप कर्णकरायत के किमोटा गांव के होनहार छात्र दीपक चन्द्र मुरारी ने वर्ष 2026 की अभियंत्रण स्नातकोत्तर अभिक्षमता परीक्षा में उत्पादन एवं औद्योगिक अभियांत्रिकी विषय में अखिल भारतीय स्तर पर 20वां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। साधारण परिवेश से निकलकर असाधारण उपलब्धि हासिल करने वाले दीपक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कर्णकरायत और लोहाघाट क्षेत्र में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वारंगल से प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की, जिससे उनकी तकनीकी नींव और अधिक सुदृढ़ हुई।
दीपक की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निरंतरता और बहुआयामी प्रतिभा है। उन्होंने अब तक 14 से अधिक बार इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा को विभिन्न अभियांत्रिकी विषयों में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया है, जो उनके अनुशासन, समर्पण और कठोर परिश्रम का सशक्त उदाहरण है। शिक्षण क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है और हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित संस्थान में वरिष्ठ शिक्षण सहयोगी (अभियंत्रण परीक्षा प्रशिक्षक) के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहां उन्होंने अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। दीपक की इस शानदार उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। उनके पिता सुरेश चंद्र मुरारी (पूर्व सैनिक) और माता सावित्री मुरारी (गृहिणी) ने हर कदम पर उनका उत्साहवर्धन किया और मजबूत संबल प्रदान किया। दीपक चंद्र मुरारी की यह सफलता न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिश्रम सच्चा हो, तो हर ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता ।

