महिला कृषकों संग खेत में उतरे डीएम मनीष कुमार, कनलगाँव में गेहूं की क्रॉप कटिंग कर परखी उपज क्षमता, जिलाधिकारी ने उनके साथ गेहूं की फसल काटते हुए खेती-किसानी की जमीनी परिस्थितियों को भी करीब से समझा।

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महिला कृषकों संग खेत में उतरे डीएम मनीष कुमार, कनलगाँव में गेहूं की क्रॉप कटिंग कर परखी उपज क्षमता, जिलाधिकारी ने उनके साथ गेहूं की फसल काटते हुए खेती-किसानी की जमीनी परिस्थितियों को भी करीब से समझा।

चम्पावत। जनपद में कृषि उत्पादन के सटीक आंकड़ों के संकलन और किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई, जब जिलाधिकारी मनीष कुमार स्वयं खेत में उतरकर महिला कृषकों के साथ गेहूं की फसल काटते नजर आए। तहसील चम्पावत के पटवारी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कनलगाँव में आयोजित क्रॉप कटिंग प्रयोग के दौरान डीएम ने न केवल गेहूं की उपज क्षमता का आंकलन कराया, बल्कि महिला किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को भी गंभीरता से सुना।

ग्राम कनलगाँव में कृषक सुभाष तडागी के खेत में कृषि एवं सांख्यिकी विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत गेहूं फसल पर क्रॉप कटिंग प्रयोग संपन्न कराया गया। इस दौरान खेत में 30 वर्ग मीटर के दो प्लॉट चिन्हित किए गए। पहले प्लॉट से 13 किलो 900 ग्राम तथा दूसरे प्लॉट से 12 किलो 400 ग्राम गेहूं की उपज प्राप्त हुई। प्रयोग के उपरांत प्रथम प्लॉट से 5 किलो गेहूं की बालियों के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत 15 दिन तक सुखाने के बाद पुनः तौला जाएगा, ताकि वास्तविक और सटीक उत्पादन क्षमता का आंकलन किया जा सके।

खेत में कार्य कर रही महिला कृषकों के बीच पहुंचे जिलाधिकारी मनीष कुमार ने उनके साथ गेहूं की फसल काटते हुए खेती-किसानी की जमीनी परिस्थितियों को करीब से समझा। इस दौरान महिला किसानों ने कृषि कार्यों में आने वाली समस्याओं को साझा किया, जिस पर डीएम ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि महिला कृषकों को पावर टीलर सहित आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि खेती को अधिक सरल, सुविधाजनक और लाभकारी बनाया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में विभिन्न फसलों की औसत उपज, उत्पादन और उत्पादकता का निर्धारण क्रॉप कटिंग प्रयोगों के माध्यम से ही किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत कृषि आधारित विभिन्न योजनाओं के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार कृषि योजनाओं की रूपरेखा तैयार करती है और किसानों को लाभान्वित करती है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कृषक सुभाष तडागी से खेत में प्रयोग किए गए बीज, उर्वरक, सिंचाई व्यवस्था और कीटनाशकों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।

कार्यक्रम के दौरान महिला कृषकों को कृषि यंत्र एवं उन्नत मडुवा बीज भी वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, अपर सांख्यिकी अधिकारी जुगल किशोर पांडे, कृषि, राजस्व एवं सांख्यिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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