विद्युत समस्या स्थायी समाधान की ओर – अब नहीं होगी बिजली की समस्या, टनकपुर–बनबसा में ₹150 करोड़ की मेगा परियोजना।

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विद्युत समस्या स्थायी समाधान की ओर – अब नहीं होगी बिजली की समस्या, टनकपुर–बनबसा में ₹150 करोड़ की मेगा परियोजना।

टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर–बनबसा क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ₹150.40 करोड़ की लागत से 220/33 के.वी. जी.आई.एस. (गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन) उपसंस्थान की स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। यह परियोजना क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही विद्युत समस्याओं का स्थायी समाधान देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत बनबसा में स्थापित हो रहा यह उपसंस्थान पूर्ण होने के बाद टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में 24×7 निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। खासकर लो वोल्टेज की समस्या से लोगों को स्थायी राहत मिलेगी, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी फायदा होगा।

परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि इससे सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों जैसे एसएसबी और सेना को भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिलेगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। साथ ही, बेहतर बिजली व्यवस्था से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

नियोजन विभाग की तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) द्वारा ₹150.40 करोड़ की लागत को मंजूरी दी जा चुकी है। प्रारंभिक कार्यों के लिए ₹3 करोड़ की धनराशि स्वीकृत करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। परियोजना की भौतिक प्रगति फिलहाल लगभग 25 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। आवश्यक जीआईएस उपकरणों की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी बनी हुई है।

वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया के तहत पावर ट्रांसमिशन निगम लिमिटेड (पिटकुल) द्वारा ₹6.02 करोड़ की धनराशि वन विभाग को जमा कराई जा चुकी है। इसके साथ ही 220 के.वी. टनकपुर–सी.बी. गंज लिलो लाइन का कार्य भी तेज़ी से चल रहा है, जो इस उपसंस्थान को मुख्य ग्रिड से जोड़ेगा और बिजली आपूर्ति को और अधिक विश्वसनीय बनाएगा।

परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल टनकपुर–बनबसा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा, बल्कि सीमांत जनपद चम्पावत के समग्र विकास, औद्योगिक विस्तार और जनजीवन की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा।

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