एक दिन की वार्डन -कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में बालिका दिवस गरिमा, उत्साह और सशक्तिकरण के संदेश के साथ मनाया गया, “इशा” बनी एक दिन के लिए वार्डन।

टनकपुर (चम्पावत)। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में बालिका दिवस के अवसर पर एक भव्य, प्रेरणादायक एवं अनुशासित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रा इशा को एक दिन की वार्डन के रूप में नियुक्त किया जाना रहा। इशा ने इस दायित्व को पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ निभाते हुए विद्यालय की दैनिक व्यवस्थाओं, छात्रावास की देखरेख, भोजन व्यवस्था तथा छात्राओं की समस्याओं को गंभीरता से समझा और समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए। उनके नेतृत्व कौशल ने सभी को प्रभावित किया।
बालिका दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें नृत्य, गीत, भाषण एवं नाट्य प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं ने बालिका सशक्तिकरण, शिक्षा के महत्व तथा समाज में बालिकाओं की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का समापन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना एवं बालिका सशक्तिकरण के संकल्प के साथ किया गया।सम्पूर्ण कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं अनुशासित वातावरण में संपन्न होना बताया जा रहा हैं।
कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय की प्रधानाचार्य /वार्डन प्रेमा ठाकुर के दिशा निर्देश में कार्यक्रम का संचालन किया गया। जिसमे मंजू विष्ट, संगीता, मनु, रेनू, आनंदी, ललिता और सोनी उपस्थित रहे। मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह विष्ट और खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी द्वारा इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की गयी।

