एनएचपीसी ने जारी की चेतावनी: मानसून में शारदा नदी से रहें दूर, कभी भी खुल सकते हैं बैराज के गेट, निर्देशों की अनदेखी करने पर होने वाली किसी भी अप्रिय घटना के लिए एनएचपीसी प्रबंधन की नहीं होंगी जिम्मेदारी।
टनकपुर/बनबसा। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए एनएचपीसी टनकपुर पावर स्टेशन प्रबंधन ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचना जारी की है। प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि मानसून अवधि के दौरान शारदा नदी और उसके तटीय क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें, क्योंकि नदी में जलस्तर अचानक बढ़ या घट सकता है।
एनएचपीसी द्वारा जारी सूचना के अनुसार 15 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक मानसून काल रहेगा। इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली भारी वर्षा के कारण शारदा नदी में जल प्रवाह तेजी से बदलता रहता है। ऐसी परिस्थितियों में टनकपुर स्थित बैराज के गेटों को आवश्यकता पड़ने पर कभी भी खोला या बंद किया जा सकता है, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना बनी रहती है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोगों को नदी के भीतर अथवा उसके किनारों पर जाने से बचना चाहिए। विशेष रूप से मछली पकड़ने, स्नान करने, पशुओं को नदी में ले जाने अथवा वाहनों के साथ नदी क्षेत्र में प्रवेश करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
एनएचपीसी का कहना है कि मानसून के दौरान नदी के स्वभाव में तेजी से बदलाव आता है और कई बार कुछ ही मिनटों में जलस्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जान-माल के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। पावर स्टेशन प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि जारी निर्देशों की अनदेखी कर यदि कोई व्यक्ति नदी क्षेत्र में प्रवेश करता है और किसी प्रकार की दुर्घटना अथवा जान-माल की हानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। ऐसी स्थिति में एनएचपीसी प्रबंधन उत्तरदायी नहीं होगा।
गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून के दौरान शारदा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई बार खतरे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। ऐसे में एनएचपीसी की यह एडवाइजरी स्थानीय नागरिकों, किसानों, मछुआरों और नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।एनएचपीसी टनकपुर पावर स्टेशन प्रबंधन ने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और मानसून अवधि में शारदा नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।


