वार्ड नं 5 की घोर उपेक्षा पर जनता का फूटा गुस्सा. सभासद काजल रत्नाकर का नगर पंचायत को अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी, पर्यावरण मित्रो की 13 सूत्रीय मांगो को लेकर संघ ने सौपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी।
बनबसा (चम्पावत)। नगर पंचायत बनबसा द्वारा वार्ड संख्या 5 के साथ लंबे समय से किए जा रहे सौतेले व्यवहार और सुनियोजित उपेक्षा के खिलाफ जनता का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। सभासद काजल रत्नाकर के नेतृत्व में वार्ड 5 की जनता ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया और प्रशासन की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा किया। सभासद काजल रत्नाकर ने आरोप लगाया कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद वार्ड 5 में न तो सड़क निर्माण कराया गया, न नालियों की व्यवस्था की गई, न नियमित सफाई हो रही है और न ही शीतकाल में अलाव की कोई व्यवस्था की गई। यह स्थिति नगर पंचायत की घोर लापरवाही और जनविरोधी सोच को उजागर करती है।उन्होंने कहा कि चूना भट्टा रोड से वार्ड को जोड़ने वाले मार्ग पर जानबूझकर कूड़े के ढेर लगाए गए हैं, जिससे क्षेत्र में गंदगी, दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। यह सीधे-सीधे जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ है और नगर पंचायत की संवेदनहीनता का जीवंत उदाहरण है।
सभासद ने तीखे शब्दों में कहा कि विकास कार्य केवल कुछ चुनिंदा वार्डों तक सीमित कर दिए गए हैं, जबकि वार्ड 5 की गरीब और मेहनतकश जनता पर चालान, नोटिस और कार्रवाई थोपकर उन्हें मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। यह भेदभाव न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि संविधान के मूल सिद्धांतों के भी खिलाफ है।काजल रत्नाकर ने नगर पंचायत प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तत्काल प्रभाव से वार्ड 5 में विकास कार्य शुरू नहीं किए गए और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक स्तर से लेकर न्यायालय तक संघर्ष किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन की होगी। इस विरोध प्रदर्शन में वार्ड संख्या 5 की बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा उपस्थित रहे और नगर पंचायत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
………………………………………………………………………………..

नगर पंचायत बनबसा के पर्यावरण मित्रों की 13 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन, लिखित आश्वासन के बावजूद मांगें लंबित, 3 दिन में समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की दी चेतावनी..
बनबसा (चम्पावत)। नगर पंचायत बनबसा में कार्यरत ठेका आधारित एवं मोहल्ला स्वच्छता समिति के अंतर्गत कार्यरत पर्यावरण मित्रों ने अपनी 13 सूत्रीय न्यायोचित मांगों को लेकर अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष नगर पंचायत बनबसा को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ, शाखा नगर पंचायत बनबसा के नेतृत्व में दिया गया। संघ के नगर अध्यक्ष प्रमोद रत्नाकर ने बताया कि इससे पूर्व अधिशासी अधिकारी द्वारा पर्यावरण मित्रों की मांगों के संबंध में लिखित आश्वासन दिया गया था, किंतु खेद का विषय है कि आज तक एक भी मांग पूर्ण नहीं की गई। नगर पंचायत प्रशासन केवल आश्वासनों के सहारे कार्य को टालता आ रहा है, जिससे पर्यावरण मित्रों में गहरा असंतोष एवं आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण मित्र वर्षों से नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें समय पर वेतन, ईएसआई, स्वास्थ्य बीमा, पहचान पत्र जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। तीन माह से वेतन लंबित होने के कारण कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ज्ञापन में 10 नए पर्यावरण मित्रों की नियुक्ति, रुके हुए वेतन का तत्काल भुगतान, कूड़ा निस्तारण/सोर्स सेग्रीगेशन मशीन का शीघ्र ठेका, ईएसआई कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, स्वास्थ्य बीमा, मानदेय सीधे बैंक खातों में भुगतान तथा सभी पर्यावरण मित्रों के आई-कार्ड बनाए जाने सहित कुल 13 मांगें प्रमुखता से रखी गई हैं।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ज्ञापन की तिथि से अधिकतम 3 दिवस के भीतर सभी मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई, तो सभी पर्यावरण मित्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी नगर पंचायत की होगी। आवश्यकता पड़ने पर संगठन माननीय उच्च न्यायालय की शरण लेने से भी पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान नगर महामंत्री महेंद्र पाल, राजा, अभिषेक, मिथिलेश, सानू, सोनू, बृजेश, ओमपाल वाल्मीकि, सौरभ, नन्हेंलाल, विजयपाल, राजपाल, सुनील, अर्जुन, राजन, रजत, निखिल, नरेश विश्वकर्मा, शिवम सहित तमाम पर्यावरण मित्र उपस्थित रहे।


