खटीमा – सर्राफ पब्लिक स्कूल में मनमानी फीस वृद्धि और परीक्षा से वंचित करने की धमकी पर तीन सदस्यीय जांच समिति सक्रिय।
➡️ फीस की आग में झुलसते अभिभावक, प्रबंधन पर जांच की तलवार.
खटीमा । निजी स्कूलों की “शिक्षा कम, वसूली ज़्यादा” वाली कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सर्राफ पब्लिक स्कूल प्रबंधन द्वारा हर वर्ष की जा रही फीस वृद्धि, लेट फीस के नाम पर पेनल्टी और विलंब शुल्क न जमा करने पर छात्रों को प्रयोगात्मक परीक्षा से वंचित करने की धमकी दिए जाने के गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया है।
अभिभावकों की शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी भानु प्रसाद कुशवाहा द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने सर्राफ पब्लिक स्कूल पहुंचकर पूरे प्रकरण की पड़ताल शुरू कर दी है। समिति में राणा प्रताप इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एवं राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य शामिल हैं।
जांच समिति ने स्कूल प्राचार्य अशोक बंसल, शिकायतकर्ता अभिभावकों एवं छात्रों के बयान दर्ज किए। अभिभावकों का आरोप है कि बीते कई वर्षों से स्कूल प्रबंधन लगातार नियमों को ताक पर रखकर फीस बढ़ा रहा है, लेट फीस पर भारी पेनल्टी लगाई जा रही है और आर्थिक दबाव बनाकर अभिभावकों का मानसिक शोषण किया जा रहा है। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की शिकायतें पूर्व में भी सर्राफ पब्लिक स्कूल सहित अन्य निजी स्कूलों के खिलाफ मौखिक एवं लिखित रूप से की जाती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे रहे। नियम विरुद्ध फीस वृद्धि के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए गए।
मामला तूल पकड़ने पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने खंड शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा, जिसके बाद विभाग को आखिरकार “जागना” पड़ा और जांच समिति का गठन किया गया।
अभिभावकों ने साफ शब्दों में चेताया कि यदि जांच में स्कूल प्रबंधन दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शिक्षा को व्यापार समझने वालों को सबक मिल सके।
जांच के दौरान भाजपा के पूर्व युवा मोर्चा प्रदेश महामंत्री गणेश ठकुराठी, पंजाबी महासभा के प्रदेश सचिव मनोज वाधवा, बार एसोसिएशन के सचिव भारत पांडे व जगदीश दिगारी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष किशोर जोशी, वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन जोशी, सरदार सनी बाजोरिया, हेमराज रावत, बीके सिंह, कार्यालय स्टाफ पवन कुमार, दर्पण कपूर, कला कापड़ी सहित अनेक अभिभावक मौजूद रहे।
जांच समिति ने एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपकर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है। अब देखना यह होगा कि यह जांच भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाती है या फिर फीस की बेलगाम दौड़ पर सच में ब्रेक लगता है।


