टनकपुर बनबसा बस स्टेशनों के आसपास अवैध टैक्सी संचालन पर परिवहन निगम ने जताई चिंता, हंगामेदार प्रदर्शन के बाद कार्यवाही की मांग को लेकर एआरटीओ और कोतवाल को सौपा ज्ञापन।
➡️ निजी वाहनों के अनाधिकृत संचालन से निगम को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान, कार्रवाई की मांग.
➡️ सीसीटीवी बने शो पीस, रिकॉर्डिंग के बावजूद कार्यवाही न होने का लगाया आरोप.
टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर एवं बनबसा बस स्टेशनों के आसपास निजी टैक्सी एवं प्राइवेट ऑपरेटरों द्वारा किए जा रहे अनाधिकृत संचालन को लेकर परिवहन निगम में गंभीर नाराजगी सामने आई है। निगम से जुड़े संगठनों ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, टनकपुर और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हंगामेदार प्रदर्शन के बाद कार्यवाही की मांग को लेकर ज्ञापन सौपा। जिसमे अवैध संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ज्ञापन के मुताबिक वर्तमान में परिवहन निगम की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है, जिसका मुख्य कारण बस स्टेशनों के आसपास निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से यात्रियों को बसों से उतारकर टैक्सियों में बैठाना है। इससे निगम को प्रतिदिन भारी राजस्व हानि उठानी पड़ रही है।
तीन माह से कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन……
संगठन ने बताया कि निगम को हो रहे नुकसान का सीधा असर कर्मचारियों पर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पिछले तीन महीनों से परिवहन निगम के कर्मचारियों को वेतन तक नहीं मिल पा रहा है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है और आंदोलन की संभावना भी जताई गई है।
सीसीटीवी में कैद फिर भी नहीं हो रही कार्रवाई……
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि बस स्टेशनों पर पुलिस द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें निजी ऑपरेटरों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से देखी जा सकती हैं, बावजूद इसके अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
दिल्ली–हरिद्वार–देहरादून तक चल रही अवैध टैक्सियां…..
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि बनबसा बस स्टेशन क्षेत्र में निजी टैक्सियां यात्रियों को होटल में बैठाकर दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून, गुरुग्राम जैसे लंबे रूटों पर ले जा रही हैं, जिससे निगम की बसों में यात्रियों की संख्या लगातार घट रही है।
तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी…..
संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि परिवहन निगम अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अवैध संचालन पर रोक लगाई जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन को आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान उत्तराखंड परिवहन निगम में कार्यरत समस्त कर्मचारी यूनियनो द्वारा डग्गामारी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। जिसमें रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, इम्पलाईज यूनियन, एवं मजदूर संघ से जुड़े हुए सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे । बलदेव प्रसाद, भोपाल सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह बिष्ट, दिनेश भट्ट, अमरिंदर सिंह, प्रवीण जोशी, हरीश जोशी, अशोक बोहरा, कौशल कर्नाटक, मोहम्मद अली के अलावा तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।

