माँ पूर्णागिरि मेले के दौरान शटल टैक्सी सेवा के नाम पर टेंडर निकाले जाने का वाहन स्वामियों ने जताया विरोध, हंगामेदार प्रदर्शन के बाद एसडीएम को सौपा ज्ञापन।
टनकपुर (चम्पावत)। माँ पूर्णागिरी धाम के ठुलीगाड़ से भैरों मंदिर के बीच शटल टैक्सी सेवा का टेंडर निकाले जाने का विरोध शुरू हो गया है। माँ श्री पूर्णागिरि टेक्सी एसोसिएशन ने हंगामेदार प्रदर्शन कर इसका विरोध किया। इस सम्बन्ध में अध्यक्ष मदन कुमार के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौप कर आक्रोश जताया।यूनियन अध्यक्ष मदन कुमार ने कहा माँ पूर्णागिरी मेला 2026 में ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक सटल सेवा के नाम पर जिला पंचायत द्वारा किये जाने वाली टेंडर प्रक्रिया का हम विरोध करते है. उन्होंने जिला पंचायत पर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवैहलना किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने टेक्सी वाहनों के लिए ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक टेंडर प्रक्रिया व स्थानीय टेक्सी वाहनों से पार्किंग शुल्क पर रोक लगाये जाने की मांग की है ।
टैक्सी स्वामीयों नें सटल सेवा के नाम पर ठेका प्रथा का विरोध करते हुए अध्यक्ष मदन कुमार के नेतृत्व में पुरानी मेला टंकी हंगामेदार प्रदर्शन करने के बाद मेला मजिस्ट्रेट /उपजिलाधिकारी आकाश जोशी के नाम ज्ञापन सौपा। इसके बाद टेक्सी स्वामी मुख्यमंत्री केम्प कार्यालय पहुंचें जहाँ उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी जीवन सिंह नेगी को ज्ञापन की प्रतिलिपि सोपी। अध्यक्ष मदन कुमार नें ज्ञापन में बताया वर्ष 2014 से संचालित माँ पूर्णागिरि मेले में ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर मार्ग के मध्य संचालित होने वाले टैक्सी वाहनों से जिला पंचायत द्वारा ठेकेदार के माध्यम से अवैध वसूली की जा रही थी, जिसपर माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने रोक लगाते हुए बिना रोक-टोक टैक्सी वाहनों का संचालन कराए जाने का आदेश जारी किया था। इसके बावजूद जिला पंचायत माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते हुए पुनः आगामी वर्ष 2026 पूर्णागिरि मेले में सटल सेवा के नाम पर टैक्सियों के संचालन के लिए निविदा निकाल कर अवैध वसूली करवाने पर विचार कर रही है। जो उच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना के साथ गरीब टेक्सी वाहन स्वामियों के शोषण की तैयारियों को दर्शाता है, अध्यक्ष मदन कुमार नें शासन प्रशासन से गुहार लगाई है की टेक्सी वाहनों के लिए सटल सेवा के नाम पर किये जाने वाले टेंडर पर पूरी तरह से रोक लगाई जाये। स्थानीय टेक्सी वाहनों से पार्किंग के नाम पर जिला पंचायत द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली पर भी रोक लगाये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा मांगे पूरी न होने की दशा में यूनियन न्यायालय की शरण में जाने पर विवश होंगी।

