वाह रे नगर पालिका – चार महीने में तीन ईओ… टनकपुर पालिका बनी “ईओ एक्सप्रेस स्टेशन”! बोर्ड के चार साल बाकी, लेकिन अभी से प्रशासनिक कुर्सी म्यूजिकल चेयर में हुई तब्दील ।

➡️ पूर्व और वर्तमान दो पालिका बोर्ड में सेवा देने वाले अधिशासी अधिकारी भूपेन्द्र प्रकाश जोशी के बाद तीन ईओ की हो चुकी हैं तैनाती.
➡️ हल्द्वानी से स्थानांत्रित होकर आयीं महिला अधिकारी को 18 दिन में भी नहीं मिला चार्ज.
➡️ शहरी विकास विभाग ने फुर्ती दिखाते हुए बीस दिन के भीतर टनकपुर में भेज दिए दूसरे ईओ.
➡️ टनकपुर नगर पालिका परिषद बनी “महिला सशक्तिकरण” की ऐतिहासिक मिसाल.
➡️ मनपसंद अधिकारी का अभी भी बताया जा रहा हैं इंतजार, हसरतें अभी भी अधूरी.
➡️ क्या वास्तव में सभासदों के पत्र का रखा गया पूरे अदब के साथ सम्मान.
टनकपुर (चम्पावत)। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के पद पर ऋषभ उनियाल की अब अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे । शहरी विकास विभाग के उप सचिव प्रदीप कुमार शुक्ल ने अपने पहले आदेश के बीस दिन के भीतर ऋषभ उनियाल को टनकपुर में तैनाती के आदेश जारी किये हैं। आदेश के मुताबिक प्रभारी सहायक नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार के पद पर तैनात ऋषभ उनियाल को टनकपुर का नया अधिशासी अधिकारी बनाया गया है। बताते चले इससे पूर्व शहरी विकास विभाग ने 19 जनवरी को आदेश जारी कर पूजा आर्य को हल्द्वानी से टनकपुर भेज कर पालिका का अधिशाषी अधिकारी बनाया था, लेकिन 18 दिनों तक उन्हें चार्ज न दिया जाना चर्चाओ में रहा।
उल्लेखनीय हैं कि टनकपुर नगर पालिका परिषद इन दिनों विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि ईओ बदलने की रफ्तार के लिए चर्चा में है। हालत यह है कि बोर्ड का कार्यकाल अभी करीब चार साल बाकी है, लेकिन महज चार महीनों में तीन अधिशासी अधिकारियों (ईओ) के दर्शन हो चुके है। नगर पालिका परिषद टनकपुर अब नगर निकाय कम और ईओ ट्रांसफर हब ज्यादा नजर आने लगी है।
महिला सशक्तिकरण की “अनूठी मिसाल”…..
हाल ही में तैनात महिला ईओ टनकपुर में पूरे 18 दिन तक मौजूद रहीं, लेकिन उन्हें चार्ज तक नहीं मिल पाया।
यह दृश्य टनकपुर पालिका में महिला सशक्तिकरण का ऐसा उदाहरण बन गया है, जहां अधिकारी मौजूद तो हैं… लेकिन अधिकार नदारद।
20 दिनों के भीतर दो ईओ की तैनाती.. विभाग भी सुपर फास्ट….
शहरी विकास विभाग ने भी टनकपुर को लेकर गजब की सक्रियता दिखाई। मात्र 20 दिनों के भीतर दो ईओ की तैनाती कर दी गई। अब इस बोर्ड के चौथे ईओ के रूप में ऋषभ कुमार की नियुक्ति हो चुकी है।
पालिका को अब भी “मन मुताबिक” ईओ की तलाश…..
सूत्रों की मानें तो कहानी अभी खत्म नहीं हुई है। टनकपुर पालिका को अब भी “मनपसंद ईओ” नहीं मिल पाए हैं।
यानी ईओ की कुर्सी पर बैठने से ज्यादा चुनौती है…या कुर्सी पर टिके रहना।
नगर विकास या अधिकारी विकास?…
सवाल यह है कि नगर के विकास की योजनाएं आगे बढ़ेंगी या फिर ईओ की फाइलें ही आगे बढ़ती रहेंगी? टनकपुर की जनता सड़क, पानी और सफाई की उम्मीद लगाए बैठी है, जबकि पालिका में इन दिनों सबसे तेज काम हो रहा है चार्ज न देने का और दूसरे अधिकारी को लाने का। कहने में कोई गुरेज नहीं हैं कि टनकपुर नगर पालिका परिषद अब विकास के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक अस्थिरता के लिए मिसाल बनती जा रही है।
चलते चलते बताते चले कि किसी “बाबू” को प्रमोट कर ईओ का चार्ज देने का प्रस्ताव भी सम्बंधित विभाग के पास गया था, लेकिन अच्छेत (चावल ) पूरे न आने पर बाजी नहीं लगी, इसलिए ये कामना पूरी न हो सकी। ये प्रमोट किये जाने की अहम जानकारी हमारे खास सूत्रों से प्राप्त हुई हैं, जिसे हम सार्वजनिक नहीं कर सकते जिसके लिए हम मात्र खेद व्यक्त करते हैं, और उम्मीद की जानी चाहिए कि नवागत अधिशाषी अधिकारी ऋषभ उनियाल की सेवाओं का टनकपुर की जनता को लम्बे समय तक लाभ मिल सके और अस्थिरता का दौर समाप्त हो, ताकि सूबे के मुखिया की विधानसभा का यह नगर विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

