भारत-नेपाल सीमा पर ICP निर्माण को लेकर हाई-लेवल बैठक, विकास और सुरक्षा को मिलेगी नई रफ्तार, भारत नेपाल के तमाम अधिकारी रहे मौजूद।
बनबसा (चम्पावत)।10 अप्रैल 2026। भारत-नेपाल सीमा पर प्रस्तावित इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के निर्माण को लेकर एक अहम अंतरराष्ट्रीय स्तर की समन्वय बैठक का सफल आयोजन किया गया। 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कार्यक्षेत्र धनुषपुल में आयोजित इस बैठक ने सीमा क्षेत्र में विकास, सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा देने का संकेत दिया है।बैठक में भारत सरकार के लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों—चेयरमैन जयंत सिंह, डायरेक्टर प्रोजेक्ट समीर जाफरी और पोर्ट मैनेजर टी.आर. शर्मा ने भाग लिया। वहीं, नेपाल की ओर से नेपाल ड्राई पोर्ट के एमडी सुनील शर्मा और प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। RETIS और SRSBL के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने बैठक को और व्यापक बनाया।स्थानीय प्रशासन की ओर से एडीएम चम्पावत कृष्ण नाथ गोस्वामी, एसडीएम टनकपुर अनुराग आर्या, कस्टम विभाग बनबसा के सुपरिटेंडेंट राजेश शर्मा, वन विभाग खटीमा की एसडीओ संचिता वर्मा और तहसीलदार मोहम्मद अली सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
SSB की मजबूत मौजूदगी और नेतृत्व….
सशस्त्र सीमा बल की ओर से डीआईजी SHQ पीलीभीत अनिल कुमार शर्मा, द्वितीय कमान अधिकारी ब्रिजेश सिंह प्रतिहार, मनोज कुमार, डिप्टी कमांडेंट दीपक तोमर, सहायक कमांडेंट जसोबनता सेनापति सहित अन्य अधिकारी और जवान शामिल हुए। उनकी सक्रिय भूमिका ने बैठक को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया।
क्या रहा बैठक का फोकस…..?
बैठक में ICP निर्माण की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय तंत्र और सीमा पार आवागमन को सुगम व सुरक्षित बनाने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई। यह परियोजना भविष्य में व्यापार, पर्यटन और आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ सीमा सुरक्षा को भी और सशक्त करेगी।
सीमा पर विकास और सुरक्षा का संगम……..
57वीं वाहिनी SSB ने एक बार फिर साबित किया कि वह केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विकासात्मक परियोजनाओं में भी अहम भूमिका निभा रही है। स्थानीय प्रशासन और विभिन्न एजेंसियों के साथ तालमेल स्थापित कर SSB राष्ट्रहित के कार्यों को मजबूती से आगे बढ़ा रही है।भारत-नेपाल सीमा पर तैनात SSB के जवान दिन-रात सतर्क रहते हुए न केवल देश की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने और आम नागरिकों की सहायता में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

