नियमितीकरण की मांग पर आर-पार की लड़ाई, रोडवेज संविदा कर्मचारी नेता कैलाश भट्ट आमरण अनशन पर बैठे, आंदोलन का दूसरा चरण हुआ शुरू।
➡️ 21 मई से चल रहा क्रमिक अनशन दूसरे चरण में पहुंचा, मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान.
➡️ संगठन ने आर पार की लड़ाई का किया ऐलान.
टनकपुर (चम्पावत)। उत्तराखंड रोडवेज संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारी संगठन द्वारा नियमितीकरण की मांग को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन अब दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने सोमवार से भूख हड़ताल शुरू करते हुए आमरण अनशन का आगाज कर दिया हैं ।आंदोलित कर्मियों ने कहा संविदा विशेष श्रेणी चालक, परिचालक एवं तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से रोडवेज में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं।
गौरतलब है कि संगठन द्वारा 21 मई से क्रमिक अनशन शुरू किया गया था। मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने से आंदोलनकारियों ने अब इसे आमरण अनशन में तब्दील कर दिया है। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों के समाधान संबंधी ठोस आदेश चाहते हैं।विगत दिनों आंदोलन स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन कर्मचारी नेताओं ने आश्वासन को पर्याप्त न मानते हुए आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया।
प्रदेश अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने कहा कि संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारियों का लंबे समय से शोषण हो रहा है और सरकार उनकी जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नियमितीकरण संबंधी मांग पूरी नहीं होती, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा। आंदोलन के दूसरे चरण में प्रवेश के साथ ही रोडवेज कर्मचारियों के संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है। अब सभी की निगाहें शासन-प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और उग्र होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस दौरान गोकुल सिंह, कैलाश चंद्र आर्य, मदन राज, मो. शाहिद, पृथ्वी पाल सिंह, केदार सिंह, आशिव भट्ट, तेजविंदर सिंह, राकेश सिंह राना, ललित सिंह खोलिया, लक्ष्मण सिंह, कमल किशन, अमित स्याल, सुरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र पडियार, शंकर दत्त भट्ट, चंद्रबल्लभ जोशी, दीपक सिंह अधिकारी, नितेश कुमार, धीरज कलोनी, नरेश अधिकारी, सुनील कलोनी नरेश, जावेद अंसारी, रचित राना, आनन्द पुजारी, रमेश कुमार, महेश चंद, माधव लाल सहित तमाम कर्मचारियों ने आमरण अनशन स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन व सहयोग दिया।

