राजकीय महाविद्यालय बनबसा के शैक्षिक प्रांगण में गौरव, स्मृतियों और पुनर्मिलन के एक नए अध्याय की होने जा रही हैं शुरुआत। 

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राजकीय महाविद्यालय बनबसा के शैक्षिक प्रांगण में गौरव, स्मृतियों और पुनर्मिलन के एक नए अध्याय की होने जा रही हैं शुरुआत।

बनबसा (चम्पावत)। राजकीय महाविद्यालय, बनबसा के शैक्षिक प्रांगण में गौरव, स्मृतियों और पुनर्मिलन के एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। महाविद्यालय की सतत उन्नति एवं पूर्व छात्रों के साथ सुदृढ़ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आगामी 16 जनवरी 2026 को पुरातन छात्र परिषद का विधिवत गठन किया जाएगा। यह आयोजन महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे पूर्व छात्र-छात्राओं को एक सशक्त मंच पर एकत्रित करने का अभिनव प्रयास है।

महाविद्यालय प्रशासन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस ऐतिहासिक बैठक में परिषद की लोकतांत्रिक कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। बैठक के दौरान सर्वसम्मति से अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण पदों पर पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा। परिषद का मुख्य उद्देश्य पूर्व छात्रों के बौद्धिक अनुभव, मार्गदर्शन एवं रचनात्मक सहयोग के माध्यम से महाविद्यालय के शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं भौतिक विकास को नई दिशा देना है।संयोजक मंडल ने समस्त पूर्व विद्यार्थियों से सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि,“विद्यार्थी किसी भी शिक्षण संस्थान की अमूल्य धरोहर होते हैं। 16 जनवरी को आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने तथा मातृसंस्था के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक गरिमामयी अवसर है।”

इस पुनीत कार्य में सम्मिलित होने, पंजीकरण कराने अथवा अन्य विस्तृत जानकारी हेतु इच्छुक पूर्व छात्र-छात्राएँ महाविद्यालय के हिंदी विभाग के प्राध्यापक हेम कुमार गहतोड़ी से संपर्क स्थापित कर सकते हैं।महाविद्यालय परिवार ने समस्त पूर्व छात्र-छात्राओं से अनुरोध किया है कि वे पूर्वाह्न 11:00 बजे महाविद्यालय परिसर में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कर इस ऐतिहासिक गठन को सफल बनाएं।

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