उपलब्धि – चम्पावत जिले के दूरस्थ गांव खिरद्वारी की बालिकाओं ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्रवेश लेकर शिक्षा के प्रति जागरूकता की मिसाल कायम की।

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उपलब्धि – चम्पावत जिले के दूरस्थ गांव खिरद्वारी की बालिकाओं ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में प्रवेश लेकर शिक्षा के प्रति जागरूकता की मिसाल कायम की।

टनकपुर (चम्पावत)। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में शिक्षा के प्रति जागरूकता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। ग्राम खिरद्वारी की जनजातीय बालिकाओं ने इस वर्ष विद्यालय में उत्साहपूर्वक प्रवेश लिया है। यह उपलब्धि विगत कई वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है, जिसने अब सकारात्मक रूप से असर दिखाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा हैं पिछले वर्ष जहाँ केवल दो बालिकाओं का प्रवेश हुआ था, वहीं इस वर्ष सात बालिकाओं ने विद्यालय में प्रवेश लेकर एक नई मिसाल प्रस्तुत की है। इन बालिकाओं का प्रवेश कक्षा 6 एवं कक्षा 9 में हुआ है। सभी छात्राओं के अभिभावक मेहनत-मजदूरी एवं खेतीबाड़ी से जुड़े हुए हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने बच्चों को शिक्षित करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। छात्राओं की माताओं ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने स्वयं कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत किया है, लेकिन वे नहीं चाहतीं कि उनके बच्चे भी उसी प्रकार का जीवन जिएँ। उनका सपना है कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर जागरूक बनें, जीवन में आगे बढ़ें और शिक्षा के महत्व को समझें।

विद्यालय की वार्डन प्रेमा ठाकुर ने बताया कि इस सफलता में विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों के साथ-साथ खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह का विशेष योगदान रहा है। उनके मार्गदर्शन एवं अथक प्रयासों से ही यह सकारात्मक परिवर्तन संभव हो पाया है। विद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करते रहने का संकल्प लिया है।

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