चम्पावत जिले के बनबसा के अमन बने भारतीय सेना में कैप्टन, क्षेत्र में खुशी की लहर, तमाम लोग दें रहे हैं बधाइयाँ।

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चम्पावत जिले के बनबसा के अमन बने भारतीय सेना में कैप्टन, क्षेत्र में खुशी की लहर, तमाम लोग दें रहे हैं बधाइयाँ।

➡️ अमन साढ़े पांच महीने मुनस्यारी में रहे पशु चिकित्साधिकारी.

➡️ वर्तमान में कैप्टन आरवीसी इंडियन आर्मी के लिए ट्रेनिंग पर है.

➡️ इस उपलब्धि के लिए वो अपने माता, पिता, परिजन और कड़ी मेहनत को दें रहे हैं श्रेय.

बनबसा (चम्पावत)। बनबसा के ग्राम पंचायत पचपखरिया निवासी होनहार युवक अमन आर्य का भारतीय सेना में कैप्टन पद के लिए चयन होने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। डॉ अमन कुमार आर्य की इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि बनबसा और आसपास के इलाके सहित जनपद चम्पावत का नाम भी रोशन किया है।

अमन की माता आशा आर्य एक शिक्षिका हैं, जो राजकीय उच्चतर विद्यालय सैलानीगोठ में प्रधानाचार्य का दायित्व निभा रही हैं। जिन्होंने प्रारंभ से ही अनुशासन, मेहनत और नैतिक मूल्यों का संस्कार दिया। उनके पिता डॉ. मोहन राम आर्य, वरिष्ठ भाजपा नेता हैं, जिनका सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय योगदान रहा है। वर्तमान में वें भजनपुर पचपखरिया से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं, इससे पूर्व वें लगातार आठ वर्षों तक कांग्रेस में चम्पावत के जिला अध्यक्ष पद का दायित्व निभा चुके हैं। परिवार के सुदृढ़ संस्कार और मार्गदर्शन ने डॉ अमन कुमार आर्य की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमन के पिता डॉ मोहन राम आर्य ने बताया अमन ने हाई स्कूल व इंटर की परीक्षा केंद्रीय विद्यालय एनएचपीसी बनबसा तथा वीवीएससी पंतनगर से किया। अमन ने लगभग साढ़े पांच महीने मुनस्यारी में पशु चिकित्सक के पद पर रहते हुए अपनी सेवाएं दी।

स्थानीय नागरिकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने अमन को बधाइयाँ देते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। लोगों का कहना है कि अमन की सफलता यह संदेश देती है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और सही दिशा में प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। डॉ अमन आर्या की इस उपलब्धि पर बनबसा सहित पूरे जनपद में गर्व की अनुभूति है और उनके उज्ज्वल सैन्य भविष्य की कामना की जा रही है।

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