टनकपुर: सरस मेले की रौनक के बीच पेट्रोल पम्प पर ‘पंचर राजनीति’, दस कारों के टायर फोड़ मेहमानों का स्वागत! शनिवार को हुआ समझौता, पेट्रोल पम्प के सीसीटीवी खराब, सुरक्षा में चूक. डीएम की हिदायत के बाद मरम्मत जारी।

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टनकपुर: सरस मेले की रौनक के बीच पेट्रोल पम्प पर ‘पंचर राजनीति’, दस कारों के टायर फोड़ मेहमानों का स्वागत! शनिवार को हुआ समझौता, पेट्रोल पम्प के सीसीटीवी खराब, सुरक्षा में चूक. डीएम की हिदायत के बाद मरम्मत जारी।

टनकपुर। एक ओर सरस मेले में रोशनी, रंग और रौनक का माहौल था, तो दूसरी ओर शहर के एक पेट्रोल पम्प पर अराजकता का ऐसा नज़ारा देखने को मिला जिसने मेले की खुशी पर सवालिया निशान लगा दिया। मेला देखने आए लगभग दस कार सवार परिवारों की गाड़ियों के टायर पंचर कर दिए गए, जिससे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग देर रात तक परेशान होते रहे। मामला शुक्रवार की रात का बताया जा रहा हैं।

जानकारी के अनुसार, मेले में उमड़ी भीड़ के चलते कुछ लोगों ने अपने वाहन पेट्रोल पम्प परिसर की साइड में खड़े कर दिए थे। जब परिवारजन मेले से वापस लौटे तो पाया कि उनकी कारों के टायर पंचर किए जा चुके हैं। अचानक आई इस मुसीबत ने पूरे परिवारों को असहाय कर दिया।

सबसे हैरानी की बात यह रही कि पेट्रोल पम्प परिसर में सीसीटीवी कैमरे ही मौजूद नहीं मिले। सवाल उठता है कि आखिर इतनी संवेदनशील जगह पर निगरानी व्यवस्था क्यों नहीं है? पीड़ितों का आरोप है कि पम्प कर्मियों ने सहयोग करने के बजाय दबंगई दिखाते हुए झगड़े पर उतरने का प्रयास किया। बच्चे और महिलाएं रात में सड़क किनारे खड़े होकर मदद की गुहार लगाते रहे। मौके पर पहुंची पुलिस भी स्थिति का कोई ठोस समाधान नहीं निकाल पाई, जिससे लोगों में नाराज़गी और बढ़ गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मेले जैसे बड़े आयोजन के दौरान बुनियादी व्यवस्थाएं और सुरक्षा इंतज़ाम नहीं होंगे तो बाहरी मेहमानों में शहर की क्या छवि बनेगी? क्या मेले में आए परिवारों का स्वागत इसी तरह ‘पंचर आतिथ्य’ से किया जाएगा? घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है—वाहन खड़ा करने वालों की या व्यवस्था संभालने वालों की? फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और जवाब की प्रतीक्षा में हैं।

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शनिवार को कोतवाली में दोनों पक्षो के बीच हुआ सुलहनामा, जिलाधिकारी के निर्देश पर सीसीटीवी दुरस्त किये जाने की हिदायत के बाद बुलाये गए तकनीशियन।

टनकपुर में आयोजित सरस मेलें के दौरान शुक्रवार की रात सामने आई वाहन क्षति की घटना के बाद प्रशासन की कार्रवाई ने मामले का नाटकीय अंदाज में समाधान होने की जानकारी सामने आ रही हैं।

बताया जा रहा हैं कि घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष एवं त्वरित जांच के निर्देश दिए। उनके निर्देशों के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मौके की जांच की। जांच के दौरान पेट्रोल पंप परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क महीनों से खराब पाई गई, जिसके कारण रात की घटना रिकॉर्ड नहीं हो सकी। पुलिस की सख्त कार्यवाही के चलते पेट्रोल पंप स्वामी ने शनिवार को तकनीशियन बुलाकर सीसीटीवी कैमरों एवं हार्ड डिस्क की मरम्मत करवाये जाने की जानकारी आ रही हैं। जिससे भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। बताते हैं कोतवाल के निर्देश के बाद पेट्रोल पंप प्रबंधन द्वारा प्रभावित वाहनों में आयी समस्या का समाधान कराया गया तब कहीं पीड़ित परिवार अपने घरो को पहुंचे।

शनिवार को कोतवाली में पीड़ित पक्ष एवं पेट्रोल पंप स्वामी को बुलाकर मामले में आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस प्रशासन की संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यशैली से पीड़ित पक्ष संतुष्ट दिखाई दिया तथा किसी प्रकार की औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई। पुलिस द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि देर रात वाहनों की हवा निकालने वाले अज्ञात शरारती तत्वों की तलाश जारी है। साथ ही, सरस मेले में बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि भविष्य में आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

हालांकि इस मामले का नाटकीय अंदाज में भले ही समाधान हो गया हो, लेकिन बड़ा सवाल ये हैं कि विगत तीन महीनों से सीसीटीवी खराब हैं और पेट्रोल पंप प्रबंधन ने उन्हें दुरुस्त कराने की जहमत उठाना भी गवारा नहीं समझा। इसे सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा पर चूक कहा जाये या प्रबंधन का बेखौफ़ होना। आखिर क्या उस क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात का इंतजार किया जा रहा था या कानून का कोई खौफ नहीं था। फिलहाल इस तरह की घटना वास्तव में निंदनीय हैं जहाँ आगन्तुको के साथ इस तरह के दुस्साहसिक प्रयास किये गए हो।

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