खुली जेल मे कैदियों के बीच श्री राधा शरणम् सेवा समिति द्वारा राधा नाम का किया गया आयोजन, तमाम कैदी रहे मौजूद, धार्मिकता का लिया आनन्द।

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खुली जेल मे कैदियों के बीच श्री राधा शरणम् सेवा समिति द्वारा राधा नाम का किया गया आयोजन, तमाम कैदी रहे मौजूद, धार्मिकता का लिया आनन्द।

सितारगंज / टनकपुर। श्री राधा शरणम् सेवा समिति के द्वारा सितारगंज स्थित उत्तराखंड की एक मात्र खुली जेल में कैदियों के बीच जाकर राधानाम का आयोजन किया गया। भजन प्रवाहक एवं समिति प्रमुख कपिल भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि हमारा उद्देश्य समाज की मुख्य धारा से अलग रह रहे लोगों को राधानाम के साथ जोड़ना है। जिसमें जेलो में कैद ये कैदी जो अपने गलत आचरण एवं पूर्व प्रारब्ध के कारण इस स्थान में है। लेकिन राधा नाम जपने से यह लोग इस समय को सकारात्मक संकेत मानकर ईश्वर से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं । भार्गव ने कहा कि हनुमान चालीसा जिसे पढ़ने से पापी से पापी भी पाप से मुक्त हो जाता है वो हनुमान चालीसा की रचना भी गोस्वामी तुलसीदास जी ने जेल में ही की थी। जब अकबर ने अपने शासनकाल में सनातन धर्म पर अत्याचार करना प्रारंभ किया तब बाबा तुलसीदास जी को जेल में डाल दिया गया कितने कष्ट की बात थी। मगर तुलसीदास जी ने उस कठिन समय में प्रभु राम को साक्षी मानकर हनुमान जी का ध्यान करते हुए हनुमान चालीसा पाठ की रचना करी और उससे जगत का कल्याण हो रहा हैं । जेल में हुए इस आयोजन से डिप्रेशन में रह रहे बंदियों को एक नई दिशा मिली और पुलिस कर्मियों एवं बंदियों द्वारा समिति से बार बार इस तरह के आयोजन करने को कहा गया। कीर्तन में समिति के ध्रुव बत्रा, तरूण कुमार, ऋषभ सिसोनिय ग्राम प्रधान हरेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। श्री राधा शरणम् सेवा समिति द्वारा जेल सुप्रिटेंडेंट का भी आभार जताया गया। श्री भार्गव ने कहा कि समिति द्वारा भविष्य मे भी इस प्रकार के कार्यक्रम किये जाने की योजना है।

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