टनकपुर की चर्चित लकड़ी बरामदगी में बड़ा एक्शन, फरार होने के बाद दोबारा पकड़ा गया आरोपित, कोर्ट ने भेजा जेल, वन विभाग के रडार पर और भी लोग।

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टनकपुर की चर्चित लकड़ी बरामदगी में बड़ा एक्शन, फरार होने के बाद दोबारा पकड़ा गया आरोपित, कोर्ट ने भेजा जेल, वन विभाग के रडार पर और भी लोग।

➡️ जमीन में दफन था अवैध लकड़ी का जखीरा, अब जेल पहुंचा टाल स्वामी.

➡️ वन विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप, जांच के घेरे में कई और नाम, और भी हो सकते है बड़े खुलासे.

टनकपुर (चम्पावत)। अवैध लकड़ी बरामदगी में बड़ा मोड़ आया है, टाल स्वामी जगदीश तिवारी कों न्यायालय ने तीन दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल रोड स्थित एक लकड़ी टाल से 60 से अधिक अवैध सागौन के लट्ठे बरामद होने के चर्चित मामले में कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। वन विभाग की गिरफ्त से फरार होने के बाद दोबारा पकड़े गए आरोपित जगदीश चंद्र तिवारी को सोमवार को टनकपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे तीन दिन की न्यायिक हिरासत में पिथौरागढ़ जिला जेल भेज दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी वन प्रभाग की टीम ने तीन दिन पूर्व टनकपुर के अस्पताल रोड स्थित एक लकड़ी टाल में छापेमारी कर जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए 60 से अधिक अवैध सागौन और साल के लट्ठे बरामद किए थे। यह बरामदगी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि टनकपुर के इतिहास में जमीन के भीतर लकड़ी छिपाकर रखने का यह अपनी तरह का अनोखा मामला माना जा रहा है।

कोतवाली टनकपुर के प्रभारी निरीक्षक चेतन रावत ने बताया कि बीएनएस की धारा 262 के तहत दर्ज मुकदमे में पुलिस ने सोमवार को आरोपित जगदीश तिवारी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। वहीं, प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि आरोपित के खिलाफ वन अधिनियम की धारा 26, 41, 42 और 52 के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि 6 जून को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए ले जाते समय आरोपित वन कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था, जिसके बाद विभाग की टीम ने लगातार तलाश कर उसे पुनः गिरफ्तार कर लिया।

वन विभाग ने फरारी के मामले में भी कोतवाली टनकपुर में मुकदमा दर्ज कराया था और रविवार को आरोपित को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

➡️ जांच का दायरा बढ़ा….

वन विभाग के सूत्रों के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और अवैध लकड़ी के इस नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोग भी विभाग के रडार पर हैं। विभाग का दावा है कि जांच में सामने आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

➡️ चर्चाओं में है कार्रवाई….

डीएफओ कुंदन कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को वन तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि बरामदगी और उसके बाद हुई गिरफ्तारियों से अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। यदि जांच इसी गति से आगे बढ़ी तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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