बड़ी खबर – एनजीटी के निर्देश पर टनकपुर डंपिंग जोन का संयुक्त निरीक्षण, मस्जिद के नीचे कूड़ा डालने पर लगी रोक, आरटीआई व मानवाधिकार कार्यकर्ता और मीडिया कवरेज की मुहिम लायी रंग, जल्द मिलेगा कूड़े से निदान।

टनकपुर (चम्पावत)। पर्यावरणीय मानकों के पालन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर मंगलवार को टनकपुर स्थित कूड़ा डंपिंग जोन का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा पर्यावरण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान टीम ने डंपिंग जोन के आसपास की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान मस्जिद के नीचे कूड़ा डंप किए जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से वहां कूड़ा डालने पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों और नदियों के आसपास इस प्रकार की गतिविधियां न केवल पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हैं, बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता से भी जुड़ा विषय हैं।

गौरतलब है कि गंदगी के ढेर को लेकर जन सरोकारों और सामाजिक दायित्वों को लेकर जनहित की पत्रकारिता करने वाले कुछ मीडिया कर्मियों और सामाजिक संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद कर पर्यावरणीय समस्या को प्रमुखता से उठाया तत्पश्चात आरटीआई व मानवाधिकार कार्यकर्त्ता विनय शुक्ला द्वारा एनजीटी में शिकायत की गयीं, जिसके बाद अधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए थे। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत चम्पावत, नगर पालिका परिषद टनकपुर और सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। सभी विभागों के बीच समन्वय बनाकर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को बेहतर करने पर चर्चा की गई। संयुक्त जांच टीम में पर्यावरण विभाग से आरओं आशीष कुमार, शहरी विकास विभाग से रचना पायल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुराग नेगी सहित अन्य जिम्मेदार प्रतिनिधि शामिल रहे।
नगर पालिका परिषद टनकपुर के अधिशाषी अधिकारी ऋषभ उनियाल ने बताया कि जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में पालिका द्वारा कूड़ा निस्तारण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में माँ पूर्णागिरि धाम, ग्रामीण क्षेत्रों और नगर क्षेत्र से एकत्रित होने वाले कूड़े के निस्तारण में व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। फिलहाल मस्जिद के नीचे कूड़ा डालने पर रोक लगने के बाद नगर पालिका के सामने कूड़ा निस्तारण की नई चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन द्वारा स्थायी समाधान निकालना जरूरी होगा, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय जनभावनाओं का भी सम्मान बना रहे।
इस दौरान जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी कमलेश भट्ट, लिपिक हितेश जोशी, सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधि अनमोल झा, अधिशाषी अधिकारी ऋषभ उनियाल, वरिष्ठ लिपिक बसंतराज चंद, अनुराधा यादव, हेमंत टंडन, प्रिया विष्ट, केपीएस प्रतिनिधि शिवम शुक्ला, उर्मिला के अलावा अन्य पालिकाकर्मी मौजूद रहे।

