मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं वनाग्नि सुरक्षा को लेकर वन विभाग की बूम रेंज ने जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन।

खबर शेयर करें -

मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं वनाग्नि सुरक्षा को लेकर वन विभाग की बूम रेंज ने जागरूकता कार्यक्रम का किया आयोजन।

सूखीढांग (चम्पावत)। प्रभागीय वनाधिकारी / उप प्रभागीय वनाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को बूम वन क्षेत्र के सूखीढांग अनुभाग अन्तर्गत ग्राम पंचायत सिलाड में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम एवं वनाग्नि सुरक्षा, नियंत्रण हेतु ग्राम प्रधान सिलाड़ की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अनुभाग अधिकारी सूखीढांग द्वारा वनों को अग्नि से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया गया। ग्रामवासियों द्वारा संकल्प लिया गया कि वनाग्नि नियंत्रण, वनाग्नि की घटनाओं पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने, नाप भूमि से वनों को आग ना जाने हेतु खेतों में आड़ा कूड़ा जलाने पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जाएगा तथा सभी को जागरूक किया जाएगा। वनाग्नि काल में वनाग्नि नियंत्रण में वन विभाग को पूर्ण सहयोग देने का संकल्प लिया गया तथा मानव-वन्य जीव संघर्ष रोकथाम हेतु निम्न बिन्दुओं के बारे में बताया गया।

वन्यजीवों से सुरक्षा हेतु वन क्षेत्र के आस-पास घास/चारा/ईंधन आदि हेतु अकेले ना जायें। रात्रि को घर के आस-पास प्रकाश की उचित व्यवस्था रखें। मवेशियों को खुले में न छोड़ें। घरों के आस-पास कूड़ा-कचरा इक्ट्ठा ना होने दें। रात्रि में घर से बाहर जाने पर समूह में जायें व आने-जाने में लाठी-डण्डों का प्रयोग करे। बच्चों को सांयकाल आंगन में अकेले खेलने के लिए ना छोड़ें। वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में सहयोग करें। इस दौरान किरन देवी ग्राम प्रधान सिलाड़, गिरीश चन्द्र जोशी, वन दरोगा, लालमणी जोशी, Sudh अधिकारी, जगत सिंह पूर्व वन पंचायत अध्यक्ष सिलाड, कलावती, आशा देवी, सपना, भरत सिंह के अलावा तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS
Breaking News

You cannot copy content of this page