हैवानियत – चंपावत जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना से आक्रोश, दरिन्दों ने कथित तौर पर हथियारों के दम पर एक नाबालिग के साथ किया गैंगरेप।
➡️ हथियारों के दम पर इंसानियत शर्मसार, बंधक बनाकर कथित रूप से किया गैंगरेप.
चम्पावत। उत्तराखंड के चंपावत में एक बार फिर यह साबित हो गया कि दरिंदों के हौसले बुलंद हैं और कानून का खौफ शायद छुट्टी पर चला गया है। जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित एक गांव से मानवता को शर्मसार करने वाली दुष्कर्म की घटना सामने आ रहीं है। जहाँ कथित तौर पर हथियारों के बल पर 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ गैंगरेप का दरिंदगी से भरपूर सनसनी खेज मामला सामने आया है। किशोरी के पिता की तहरीर के आधार पर चम्पावत कोतवाली में मुकदमा दर्ज किये जाने की जानकारी सामने आ रहीं है वहीं पुलिस के मुताबिक मेडिकल के बाद आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जाएगी, और दरिंदो की तलाश की जा रहीं है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर से 16 वर्षीया एक नाबालिग बेटी अपने बीमार पिता को इलाज के लिए जिला मुख्यालय चंपावत लाई थी। 05 मई की शाम जब बेटी घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। जब कहीं पता नहीं चला तो पुलिस को सूचित किया गया। परिजनों के मुताबिक देर रात करीब 1:28 बजे बेटी का फोन आया, जिसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। पुलिस और परिजनों के साथ ही स्थानीय लोग रातभर खोजबीन में जुटे रहे। सुबह तड़के करीब 4:00 बजे नाबालिग एक कमरे में रस्सी से बंधी निर्वस्त्र अवस्था में मिली।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि सल्ती निवासी तीन युवकों ने उसे डरा-धमकाकर धारदार हथियारों के दम पर उसके साथ जबरन सामूहिक दुष्कर्म किया, और बाद में कमरे में ताला लगाकर फरार हो गए। घटना का पता चलते ही कोतवाली में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। कोतवाल बीएस बिष्ट के मुताबिक पीड़िता के पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच महिला उपनिरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
सबसे बड़ा सवाल—क्या बेटियों की सुरक्षा सिर्फ भाषणों तक सीमित रह गई है? फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। लेकिन क्या ‘जांच जारी है’ और ‘कार्रवाई होगी’ जैसे बयान ही न्याय का नया पैमाना बन चुके हैं?

