खटीमा में पत्रकार पर मुकदमा: नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स ने उठाए सवाल, मुकदमा निरस्तीकरण की मांग को लेकर पूर्व रक्षा राज्य मंत्री सांसद अजय भट्ट को सौपा ज्ञापन।

चम्पावत/खटीमा। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स चंपावत ने खटीमा में वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध दर्ज मुकदमे को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। संगठन ने इसे पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है।संगठन द्वारा सांसद एवं पूर्व रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र खटीमा में एक जन-सरोकारी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार के खिलाफ द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई है।
➡️ क्या है मामला….
सांसद को प्रेषित ज्ञापन में बताया गया हैं कि पत्रकार दीपक फुलेरा ने चकरपुर क्षेत्र में गैस आपूर्ति में देरी और उपभोक्ताओं की लंबी कतारों को लेकर एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की थी। यह खबर आम जनता की समस्याओं को उजागर करने से जुड़ी थी।
➡️ कैसे दर्ज हुआ मुकदमा…
संगठन के अनुसार, उक्त रिपोर्ट से नाराज होकर स्थानीय भाजपा नेता की तहरीर पर पुलिस ने बिना प्रारंभिक जांच के ही अपराध संख्या 0090, दिनांक 27-03-2026 को धारा 353(1)(B) BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
➡️ पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल…..
पत्रकार संगठन ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों की शिकायतों पर जहां पुलिस कार्रवाई में देरी करती है, वहीं सत्ताधारी दल के पदाधिकारी की शिकायत पर बिना पर्याप्त साक्ष्य के त्वरित मुकदमा दर्ज करना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (NUJ) के संगठन मंत्री गिरीश सिंह बिष्ट सहित चंपावत के पत्रकारों ने एकजुट होकर मामले की निष्पक्ष जांच, मुकदमे की निरस्तीकरण तथा पत्रकारों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

