टनकपुर रोडवेज डिपो की बदहाली पर कर्मचारी संगठन आक्रोशित, आंदोलन जारी, मांगे जल्द पूरी न होने की दशा में उग्र आंदोलन का किया ऐलान।

टनकपुर (चम्पावत)। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तराखंड ने टनकपुर रोडवेज डिपो की खराब व्यवस्थाओं को लेकर कड़ा रोष जताया है। गुस्साए यूनियन पदाधिकारियों ने आंदोलन का परचम लहराते हुए आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपाल सिंह व क्षेत्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह विष्ट के नेतृत्व में परिषद का धरना प्रदर्शन जारी है। आंदोलित परिषद पदाधिकारियों ने बताया लंबे समय से विभिन्न रूटों पर बस सेवाएं बाधित चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया टनकपुर-धारचूला,टनकपुर-कानपुर, टनकपुर-आगरा समेत कई महत्वपूर्ण रूट या तो नियमित संचालित नहीं हो रहे हैं या फिर बेहद सीमित ट्रिप ही चल रही हैं। जहां प्रतिदिन 40 से 50 बसों का संचालन होना चाहिए, वहीं वर्तमान में मात्र 9 से 10 ट्रिप ही संचालित हो पा रही हैं।
परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि अल्ट्रा सेवा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं पिछले एक माह से बंद पड़ी हैं, जबकि डिपो में कई बसें धूल फांक रही हैं। वहीं अनुबंधित बसों से मानक से अधिक किलोमीटर चलवाकर राजस्व अर्जित किया जा रहा है, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कर्मचारी संगठन का कहना है कि सितंबर 2025 से मार्च 2026 तक बसों के सही संचालन न होने के कारण निगम को लगभग 5 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो कर्मचारी संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। वर्तमान में क्षेत्रीय प्रबंध समिति के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन भी जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हो रहे हैं।
संगठन ने परिवहन निगम प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप कर टनकपुर डिपो की स्थिति सुधारने और बस सेवाओं को नियमित करने की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

