मेला समीक्षा बैठक – कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत नें उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध माँ श्री पूर्णागिरि मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में बनबसा में विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक।

खबर शेयर करें -

कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत नें उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध माँ श्री पूर्णागिरि मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में बनबसा में विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

➡️ पूर्णागिरी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को मिलें सुगमता आयुक्त कुमाऊं/सचिव मुख्यमंत्री।

➡️ भंडारे लगाने के लिए सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम लागू करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के आयुक्त ने दिए निर्देश

बनबसा (चम्पावत)। आयुक्त कुमाऊं मंडल/सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने मंगलवार को एनएचपीसी, विश्राम गृह बनबसा में आगामी उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरी मेलें की विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में समीक्षा बैठक ली।आयुक्त दीपक रावत ने 15 मार्च से 15 जून तक चलने वाले मां पूर्णागिरी मेले के संबंध में विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम, सुरक्षित हो। श्रद्धालुओं को यात्रा एवं पैदल मार्गो पर किसी तरह की कोई दिक्कत न हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि पूर्णागिरी मेले में आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अच्छा अनुभव लेकर जाए।

आयुक्त ने मेले के दौरान किराया नियंत्रण और वाहनों की फिटनेस को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आईपी आधारित सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम को शीघ्र पूरा करने के आदेश दिए। समीक्षा के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी जयवर्धन शर्मा ने बताया कि इस वर्ष मेले की सफाई व्यवस्था पहली बार सुलभ इंटरनेशनल द्वारा की जाएगी, जिससे स्वच्छता मानकों में सुधार होगा। साथ ही श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्याऊ, वाटर कूलर, टैंकर एवं दो सोलर हैंड पंप की व्यवस्था की जाएगी।

श्री रावत ने मेला क्षेत्र में अनाधिकृत पेयजल संयोजन को समाप्त करने तथा अस्थायी पथ प्रकाश व्यवस्था, सोलर स्ट्रीट लाइट एवं हाई मास्ट लाइट को सही करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ओवरहैंगिंग वायर को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित विभाग को शीघ्र कार्रवाई करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसके अलावा उन्होंने मेला अवधि में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित करने, ऑक्सीजन सिलेंडर, मोबाइल केयर यूनिट एवं एसडीआरएफ टीम की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा मेले में भीड़ प्रबंधन को सुचारु रखने के लिए पैदल मार्ग पर चैन डिवाइडर, अनधिकृत मार्गों पर अस्थायी बैरिकेडिंग तथा जगह-जगह साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सुगमता होगी।

इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि फायर सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए धर्मशालाओं में अग्निशमन यंत्र एवं फर्स्ट एड किट अनिवार्य किए गए हैं। साथ ही, फायर यूनिट और फायर वॉचर की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं मूल्य नियंत्रण के लिए रेट लिस्ट जारी करने एवं नियमित चेकिंग के आदेश दिए । सुझावों के लिए सुझाव रजिस्टर उपलब्ध करानें के निर्देश जारी किये। मेले के दौरान भंडारे लगाने के लिए सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम लागू करने और प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश भी कमिश्नर द्वारा दिए गए।

इस दौरान कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री ने ककराली गेट से पूर्णागिरि यात्रा मार्ग तथा बूम घाट, उचौलीगोठ पार्किंग, ठुलीगाड़ पार्किंग, भैरव मंदिर पार्किंग स्थल का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बूम घाट में सुरक्षा हेतु सीसीटीवी की स्थापना तथा महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, इसके अलावा उन्होंने पार्किंग स्थल पर पर्याप्त संख्या में शौचालय व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के साथ साथ शौचालयों में पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था करने के निर्देश मेला मजिस्ट्रेट व जिला पंचायत को दिए। उन्होंने बाटनागाड़ में क्षतिग्रस्त सड़क के सुधारीकरण कार्य करने के निर्देश लोनिवि के अधिकारियों को दिए।

इस दौरान एसडीएम नितेश डांगर, तहसीलदार टनकपुर जगदीश गिरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान पवन सिंह, जिला पंचायत से अनिल रावत, मंदिर समिति के प्रतिनिधि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, अभियंता लोक निर्माण विभाग लक्ष्मण सिंह सामंत, वन विभाग, यूपीसीएल, पुलिस, उरेडा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ADVERTISEMENTS
Breaking News

You cannot copy content of this page