अच्छी खबर – ₹428.57 लाख से संवरेगा एबट माउंट, इको-टूरिज्म हब के रूप में होगा विकसित, KMVN के माध्यम से विकसित होगी विश्वस्तरीय पर्यटन परियोजना।

खबर शेयर करें -

अच्छी खबर – ₹428.57 लाख से संवरेगा एबट माउंट, इको-टूरिज्म हब के रूप में होगा विकसित, KMVN के माध्यम से विकसित होगी विश्वस्तरीय पर्यटन परियोजना।

लोहाघाट (चम्पावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में जनपद चम्पावत में पर्यटन विकास को नई गति मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में ऐतिहासिक एबट माउंट को एक प्रमुख ‘इको-टूरिज्म हब’ के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है।इसी क्रम में ₹428.57 लाख की लागत से विस्तृत परियोजना प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन हेतु कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।एबट माउंट, जो समुद्र तल से लगभग 6,400 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए विख्यात रहा है।

प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी संतुलन को सुरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि यह राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सके।परियोजना की जानकारी देते हुए KMVN के अभियंता श्री संजय जोशी ने बताया कि एबट माउंट में पर्यावरण अनुकूल ‘डोम हट्स’ (Dome Huts) का निर्माण किया जाएगा। इन हट्स को स्थल की भौगोलिक बनावट के अनुरूप इस प्रकार स्थापित किया जाएगा कि प्राकृतिक वनस्पति को न्यूनतम क्षति पहुंचे। योजना के अंतर्गत कुल 6 डोम हट्स का निर्माण तीन ऊंचे प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा, जिनमें लकड़ी के डेक फ्लोरिंग की व्यवस्था होगी।इन हट्स को सभी मौसमों के अनुकूल डिजाइन किया जाएगा तथा इनमें आधुनिक सुविधाओं के साथ बड़ी खिड़कियां होंगी, जिससे पर्यटक हिमालयी प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकेंगे।इसके अतिरिक्त, परियोजना के तहत सुरक्षित पैदल मार्ग, सीढ़ियां, व्यूइंग एरिया, बैठने की समुचित व्यवस्था, टिकट काउंटर, पार्किंग, खेल मैदान एवं खान-पान हेतु ईटरी जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। एबट माउंट की ऐतिहासिक धरोहर—ब्रिटिशकालीन कॉटेज, चर्च एवं मॉरिस अस्पताल—को संरक्षित रखते हुए पर्यटन से जोड़ा जाएगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि इस परियोजना से न केवल क्षेत्र में संतुलित एवं सतत पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन इस योजना को पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल ‘आदर्श चम्पावत’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे जनपद की पहचान एक प्रमुख इको-टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित होगी।

ADVERTISEMENTS
Breaking News

You cannot copy content of this page