हरेला क्लब द्वारा आयोजित दो दिवसीय उत्तरायणी मेले का भव्य शुभारम्भ, उद्घाटन से पूर्व महिलाओं द्वारा शारदा घाट से कार्यक्रम स्थल तक निकाली गयी भव्य कलश यात्रा।
टनकपुर (चम्पावत)। उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से हरेला क्लब द्वारा आयोजित दो दिवसीय उत्तरायणी मेले का शुभारम्भ आज उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। मेले का उद्घाटन शिक्षाविद डॉ. मदन सिंह महर ने फीता काटकर किया।उद्घाटन से पूर्व महिलाओं द्वारा शारदा घाट से कार्यक्रम स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं की कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया। ढोल-दमाऊं और मंगल गीतों के बीच निकली यात्रा आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम स्थल पर पारम्परिक छोलिया नृत्य की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत छोलिया नृत्य में उत्तराखंड की वीरता, परंपरा और लोकजीवन की झलक साफ दिखाई दी, जिस पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हरेला क्लब का गठन उत्तराखंड की लोक-संस्कृति, पर्वों और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया है, ताकि आधुनिकता के दौर में हमारी सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रह सके।
मेले के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारम्भ सामाजिक कार्यकर्ता धर्मानंद पाण्डेय की अध्यक्षता में किया गया। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी मेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मेले के पहले दिन बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बच्चे उपस्थित रहे। दो दिवसीय मेले में आगे भी विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, लोकगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।


