हाईप्रोफाइल मामला – टनकपुर में अवैध लकड़ी का बड़ा भंडाफोड़, ज़मीन मे दफ़न लट्ठों कों निकाला खोदकर, नंधौर एसडीओ के नेतृत्व में कार्रवाई, टाल संचालक पर मुकदमा दर्ज, वैधानिक कार्यवाही जारी।

➡️ टनकपुर मे वन विभाग की बड़ी कार्यवाही, डीएफओ कुंदन कुमार खुद उतरे मैदान मे.
➡️ लकड़ी का गोरखधंधा करने वालों मे मचा हड़कंप, अभी और छापेमारी के दिए संकेत.
➡️ प्रभागीय वनाधिकारी एक्शन मोड़ पर, मामले मे संलिप्त विभागीय लोगों पर भी गिर सकती हैं गाज.

टनकपुर (चम्पावत)। अस्पताल रोड स्थित वार्ड नं 03 मे एक लकड़ी की टाल में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की है। लकड़ी की टाल कथित रूप से जगदीश तिवारी की बताई जा रही है।कार्रवाई के दौरान अब तक लगभग 60 से अधिक लकड़ी के लट्ठे निकाले जा चुके हैं। मामले में टाल संचालक के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वैधानिक प्रक्रिया जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार की दोपहर बाद शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार कों भी जारी रही। प्रारंभिक चरण में वन कर्मियों ने फावड़े, सब्बल, गेंटी और अन्य उपकरणों की मदद से जमीन के भीतर दफन की गई लकड़ी को बाहर निकाला, जबकि शनिवार को जेसीबी मशीन भी लगायी गयीं। खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में लकड़ी के लट्ठे बरामद हुए, जिन्हें विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई हल्द्वानी वन प्रभाग के निर्देशन में की गई। नंधौर उप प्रभागीय वनाधिकारी के नेतृत्व में छकाता रेंज के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच और बरामदगी की कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में बरामद लकड़ी का संबंध वन विकास निगम की लौट (डिपो) से होने एवं अन्य वन रेंज से होने की संभावना जताई जा रही है। विभाग इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रहा है कि लकड़ी वहां से किस प्रकार बाहर आई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी कुंदन कुमार ने अनौपचारिक तौर पर बताया कि कार्रवाई अभी जारी है, और लगभग साठ लट्ठे बरामद किये जा चुके है। उन्होंने कहा अभी और भी बरामदगी की सम्भावनाओं कों नकारा नहीं जा सकता, इसलिए पूरे मामले का विस्तृत खुलासा जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किये जाने का दावा किया । उन्होंने कहा कि अवैध लकड़ी के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, इस मामले मे विभागीय कार्मिकों की कार्यशैली की विस्तार से समीक्षा भी की जा रही है। इस समूचे प्रकरण की गहनता से निष्पक्ष जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा समूचे प्रकरण की सम्पूर्ण जांच होने के बाद ही मामले का सिलसिलेवार खुलासा किया जायेगा। वन विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जिसका बेसब्री से इन्तजार है।

बताते चले डीएफओ कुंदन कुमार अपनी निष्पक्ष कार्यशैली और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि भले ही जांच के निष्कर्ष सामने आने में कुछ समय लगे, लेकिन सच्चाई पूरी पारदर्शिता के साथ उजागर होगी और तथ्य स्पष्ट रूप से सामने आएंगे। यही कारण है कि लोगों को विश्वास है कि जांच भले ही अपने निर्धारित समय में पूरी हो, लेकिन निष्कर्ष तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित होंगे तथा अंततः दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

