सुविधा के नाम पर अवैध वसूली – माँ पूर्णागिरी धाम में ‘मुंडन’ बना अवैध कमाई का जरिया, श्रद्धालुओं से पर्ची के नाम पर अतिरिक्त वसूली का आरोप, जिलाधिकारी से की शिकायत, कार्यवाही का इन्तजार।

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सुविधा के नाम पर अवैध वसूली – माँ पूर्णागिरी धाम में ‘मुंडन’ बना अवैध कमाई का जरिया, श्रद्धालुओं से पर्ची के नाम पर अतिरिक्त वसूली का आरोप, जिलाधिकारी से की शिकायत, कार्यवाही का इन्तजार।

➡️ मुंडन शुल्क रू 150/- लेकिन रू 250/- लिए जाने के लगाए जा रहे हैं आरोप.

➡️ आस्था के दरबार में तीर्थयात्रियों की जेब हों रहीं हैं हल्की.

➡️ आखिर अवैध वसूली किसके संरक्षण में फल फूल रहीं हैं.

➡️ जिले के तेज तर्रार व ईमानदार जिलाधिकारी क्या लेंगे संज्ञान, करेंगे सुमोटी एक्शन.

टनकपुर (चम्पावत)। मां पूर्णागिरी के पावन दरबार में जहां लाखों श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ पहुंचते हैं, वहीं मेले में अब ‘सुविधा शुल्क’ के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मुंडन संस्कार कराने आए श्रद्धालुओं से निर्धारित शुल्क से अधिक धनराशि लेने का आरोप लगाते हुए एक धाम क्षेत्र के स्थानीय निवासी ने प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

माँ पूर्णागिरीधाम निवासी, नवीन चंद्र पाण्डेय ने जिलाधिकारी चम्पावत को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि मेले में मुंडन कराने के लिए पहले 150 रुपये की पर्ची काटी जाती हैं , लेकिन उसके बाद ‘सफाई’ सहित अन्य ‘व्यवस्थाओ’ के नाम पर अतिरिक्त 100 रुपये तक लिए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह श्रद्धालुओं से अवैध रूप से धन वसूला जा रहा है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मेले में आने वाले श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ मां के दरबार में पहुंचते हैं, लेकिन यहां उन्हें व्यवस्था के नाम पर अतिरिक्त भुगतान करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यदि यह शुल्क प्रशासन द्वारा निर्धारित है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं दी गई, और यदि नहीं है तो फिर यह वसूली किसके संरक्षण में हो रही है। यह सवाल भी अब उठने लगे हैं। प्रार्थना पत्र में जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर इस प्रकार की कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने और मेले की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की गई है।

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