कैलाश पथ पर हरियाली का संदेश:- पौधरोपण के संकल्प के साथ तीसरा मानसरोवर दल रवाना, ‘बम-बम भोले’ से गूंजा टनकपुर, उत्साह के साथ शिव भक्त रवाना।

टनकपुर (चम्पावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रा का तीसरा दल रविवार को आस्था, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हुआ। माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति की अध्यक्ष दीपा देवी ने हरी झंडी दिखाकर दल को विदा किया। इस अवसर पर धार्मिक उल्लास के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश भी दिया गया।

रवानगी से पूर्व समिति की अध्यक्ष दीपा देवी के नेतृत्व में पौधरोपण किया गया और सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना था कि प्रकृति की गोद में स्थित कैलाश मानसरोवर की यात्रा तभी सार्थक होगी, जब हम अपने आसपास के पर्यावरण को भी सुरक्षित रखने का संकल्प लें।

तीसरे दल में 31 पुरुष एवं 17 महिला तीर्थयात्री शामिल रहे। बच्चों ने यात्रियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया और मंगलमय यात्रा की शुभकामनाओं के साथ भावभीनी विदाई दी। पूरे क्षेत्र में “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।

इस दौरान तीर्थयात्रियों ने माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और स्थानीय लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। यात्रियों ने कहा कि टनकपुर में मिला आत्मीय स्वागत और प्रकृति संरक्षण का संदेश उनकी यात्रा की सुखद स्मृतियों का हिस्सा रहेगा।

समिति की अध्यक्ष दीपा देवी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा का टनकपुर से होकर गुजरना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत-सत्कार करना हमारी संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने यात्रियों की व्यवस्थाओं के लिए कुमाऊँ मंडल विकास निगम की सराहना करते हुए कहा कि निगम द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आस्था, पर्यावरण और लोक संस्कृति का यह सुंदर संगम एक बार फिर साबित कर गया कि टनकपुर केवल कैलाश यात्रा का प्रवेश द्वार ही नहीं, बल्कि ‘हरित संस्कृति और अतिथि देवो भवः’ की परंपरा को जीवंत रखने वाला नगर भी है।

इस दौरान शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार, मनीष मेहरा, विवेक कुमार, बद्री राम, अवनीश कुमार, महेश कुमार, सूरज कुमार, अर्जुन राणा, बलवंत कुमार, संदीप आर्या, सुन्दर लाल, हुकम बोरा, महेश राम, पप्पू लाल, सरिता देवी के अलावा माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति की पुष्पलता भी मौजूद रहीं।

