फार्मासिस्ट के 391 पदों को क्रियाशील न करना अन्याय, बेरोजगारों के सब्र का टूटा बाँध, सीएम कैम्प कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन।
टनकपुर (चम्पावत)। प्रदेश के हजारों बेरोजगार फार्मेसिस्टों के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। बेरोजगार फार्मेसिस्ट संघ ने स्वास्थ्य उपकेन्द्रों में पूर्व से सृजित 391 फार्मासिस्ट पदों को क्रियाशील किये जाने की मांग को लेकर अध्यक्ष चतुर महराना के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन सीएम कैम्प कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी जीवन सिंह नेगी को सौपा। जिसमे उन्होंने वित्त विभाग एवं राज्य कैबिनेट से तत्काल स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। संघ का कहना है कि सरकार द्वारा वर्षों पूर्व स्वीकृत ये पद आज तक कागजों में ही दफन हैं, जबकि ग्रामीण अंचलों के स्वास्थ्य उपकेन्द्र फार्मासिस्टों के अभाव में बदहाल स्थिति में चल रहे हैं। दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें वितरित करने वाला प्रशिक्षित फार्मासिस्ट न होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बेरोजगार फार्मेसिस्ट संघ ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के चलते एक ओर जहां योग्य और प्रशिक्षित युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। संघ ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ रोजगार का नहीं, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। ज्ञापन में मांग की गई है कि वित्त विभाग की आपत्तियों को दूर कर प्रस्ताव को शीघ्र राज्य कैबिनेट में लाया जाए और 391 पदों को तत्काल प्रभाव से क्रियाशील किया जाए। इस दौरान पुष्कर पाल सिंह रावत, चतुर महराना, संजय,अभिनव, जनार्दन जोशी, प्रमोद कुमार, अंकेश कुमार, राजेन्द्र प्रसाद, अमित कुमार, भीमसिंह और चेतन मौजूद रहे।

