चम्पावत – संकट निवारण को चम्पावत के मादली में श्रद्धा भक्ति से हुआ श्रीगणेश पूजन, सुखशांति के साथ नौनिहालों की लंबी उम्र की कामना, महिलाओं ने किया उपवास।
चम्पावत। उत्तराखंड के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में श्रद्धा भक्ति के साथ संकटचौथ पर्व मनाया गया। महिलाओं ने उपवास रखकर प्रथम देव श्रीगणेश का विधिवत पूजन किया। पारिवारिक संकट निवारण के साथ ही सुखशांति और नौनिहालों की लंबी उम्र की कामना की गयी। जनपद भर में इस मौके पर घरों में वैदिक मंत्रों के साथ शंखध्वनि गुंजायमान रही।
बताते चले हर वर्ष माध कृष्ण पक्ष और भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सनातन धर्म के अनुयायी संकटचौथ के रुप में मनाते है। पंडित कुलदीप कुलेठा ने बताया कि इस दिन महिलाएं पूरे दिन उपवास रखकर श्रीगणेश का विशेष पूजन कर रात में चंद्रमा को अर्घ देती है। पारिवारिक सुखशांति, कष्टों के निवारण और नौनिहालों की लंबी उम्र की कामना को लेकर यह व्रत किया जाता है।
विभिन्न क्षेत्रों में पंडित दीपक कुलेठा, दिनेश तिवारी, बसंत पांडेय, सतीश जोशी, बसंत जोशी, उमाशंकर कुलेठा, सुरेश पांडेय, शंकर कुलेठा, मोहन पांडेय, कीर्ति बल्लभ सक्टा, कमल पांडेय सहित पुरोहितों ने विधिविधान से यजमानों के आवासों में वैदिक मंत्रों के बीच विशेष पूजन अर्चन कराया। इस मौके पर मंदिरों में भक्तों ने शीश नवाते हुए सुखशांति की कामना की।
(वरिष्ठ पत्रकार दिनेश चंद्र पाण्डेय की कलम से)




