हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में पोकस कार्यशाला, गंभीर बीमारियों से ग्रसित नवजात शिशुओं को बचाने में मिलती हैं मदद ।

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हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में पोकस कार्यशाला, गंभीर बीमारियों से ग्रसित नवजात शिशुओं को बचाने में मिलती हैं मदद ।

हल्द्वानी। गुरुवार को सुशीला तिवारी अस्पताल में पोकस (प्वाइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड) का आयोजन किया गया , जिसका शुभारंभ चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ अजय आर्या, मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डॉ जी एस तिती याल , चिकित्साअधीक्षक डॉ अरुण जोशी, बाल रोग विभागअध्यक्ष डॉ ऋतु रखोलिया ,डॉ अनिल,डॉ रवि एवं डॉ गुंजन द्वारा दीप प्रज्लवित कर किया गया। कार्यशाला मैं डॉ प्रदीप सूर्यवंशी पुणे (महाराष्ट्र), डॉ गायत्री मुराजकर मुम्बई, डॉ हंस वैश देहरादून, डॉ चिन्मय चेतन विभागाध्यक्ष जॉली ग्रांट मेडिकल कालेज देहरादून द्वारा जानकारी दी गई।

डॉ ऋतु रखोलिया ने बताया कि फंक्शनल अल्ट्रासाउंड द्वारा नवजात शिशुओं के दिमाग, छाती, फेफड़े, हृदय, पेट की बीमारियों के निदान एवं शीघ्र इलाज करने मै मदद करता है। जिससे गंभीर बीमारियों से ग्रसित नवजात शिशुओं को बचाने में मदद मिलती हैं। डॉ रखोलिया ने बताया कि अल्ट्रासाउंड द्वारा नवजात शिशुओं में विकिरण का खतरा भी नहीं होता हैं एवम नवजात शिशुओं के बिस्तर पर ही मशीन ले जाकर जांच की जाती हैं और शिशुओं को अपने बिस्तर पर ही इलाज मिल जाता हैं। यह तकनीक अति गंभीर शिशुओं के लिए वरदान साबित होती हैं। विकसित देशों एवं भारत के बड़े शहरों में इस तकनीक के द्वारा गंभीर नवजात शिशुओं का इलाज संभव हो रहा हैं।

कहा इस कार्यशाला के बाद हमारे प्रदेश में भी निकट भविष्य में गंभीर रोगों से पीड़ित नवजात शिशुओं का इलाज संभव हो पायेगा, जिससे नवजात शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी। कार्यशाला मैं उत्तराखंड राज्य से आए हुए 42 चिकित्सकों ने भाग लिया।

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