टनकपुर में मुंशी प्रेमचंद के साहित्य की उपयोगिता पर काव्य एवं विचार गोष्ठी आयोजित।
टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर साहित्य चेतना मंच की ओर से महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के साहित्य की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता विषय पर काव्य एवं विचार गोष्ठी का आयोजन विजया सदन, डा. दिनेश शास्त्री के निज आवास में किया गया।गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मदन मोहन गहतोड़ी ने मुंशी प्रेमचंद को उपन्यास सम्राट बताते हुए उनकी प्रसिद्ध रचनाओं गबन, दो बैलों की जोड़ी, पूस की रात, ईदगाह आदि की व्याख्या की तथा समाज के यथार्थ को समझने में उनके साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. दिनेश शास्त्री ने मुंशी प्रेमचंद के जीवन एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के सामाजिक और नैतिक परिप्रेक्ष्य में प्रेमचंद का साहित्य और अधिक प्रासंगिक हो गया है। गोष्ठी की अध्यक्षता साहित्य चेतना मंच टनकपुर के अध्यक्ष गंगा गिरि गोस्वामी ने की, जबकि संचालन कार्यक्रम के आयोजक डॉ. दिनेश शास्त्री द्वारा किया गया।
इस अवसर पर साहित्यकार कमलेश चंद्र वर्मा, कुशल सिंह राणा, मदन बोहरा, अर्जुन सिंह असवाल, भगवान दास शर्मा, त्रिलोक सिंह बोहरा, डॉ. दिनेश शास्त्री, डॉ. मदन मोहन गहतोड़ी एवं गंगा गिरि गोस्वामी सहित अन्य साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ कर साहित्यिक समृद्धि का परिचय दिया। गोष्ठी का समापन साहित्य और समाज के आपसी संबंधों पर सार्थक विमर्श के साथ हुआ।


