मानव–वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम एवं वनाग्नि सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
➡️ मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए वन विभाग के ठोस प्रयास: हॉफ
टनकपुर (चम्पावत)। उत्तराखंड वन विभाग के प्रमुख (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) रंजन कुमार मिश्र ने कहा कि मानव–वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम करने के लिए वन विभाग हर संभव कदम उठा रहा है। शनिवार को टनकपुर क्षेत्र के दौरे पर उन्होंने मानव–वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम एवं वनाग्नि सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रचार-प्रसार मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।इस अवसर पर हॉफ श्री मिश्र ने टनकपुर के ककरालीगोट के समीप स्थित नंधौर अभयारण्य के स्वागत कक्ष का निरीक्षण किया। मां पूर्णागिरि के दर्शन के पश्चात उन्होंने जिम कॉर्बेट ट्रेल परियोजना के अंतर्गत नेपाल सीमा से लगे चूका क्षेत्र में चल रहे इको-टूरिज्म कार्यों का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि जिम कॉर्बेट ट्रेल के निर्माण से न केवल यह क्षेत्र पर्यावरण और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और आसपास के गांवों में रिवर्स पलायन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद उन्होंने कलढुंगा एकीकृत चौकी, शारदा कॉरिडोर के अंतर्गत निर्माणाधीन इको-टूरिज्म साइट का निरीक्षण किया। साथ ही टनकपुर–पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बस्टिया पौधालय एवं मॉडल क्रू स्टेशन का भी मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह मॉडल क्रू स्टेशन वनाग्नि के समय जंगलों में आग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
हॉफ रंजन कुमार मिश्र के इस दौरे के दौरान मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजस्वी पाटिल, डीएफओ हल्द्वानी वन प्रभाग कुंदन कुमार, डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग हिमांशु बागरी, चंपावत वन विभाग के आशुतोष सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी शारदा डॉ. शालिनी जोशी, खटीमा रेंज के संचित वर्मा, चंपावत वनक्षेत्राधिकारी सुनील कुमार, शारदा रेंज के वनक्षेत्राधिकारी सुनील शर्मा तथा बूम रेंज के गुलजार हुसैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

