सेवानिवृत्ति – कर्तव्य की वर्दी उतरी, सम्मान नहीं… भावुक माहौल में चम्पावत पुलिस ने तीन कर्मयोगियों को दी गरिमामयी विदाई, तमाम लोगों की आँखे हुई नम।

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कर्तव्य की वर्दी उतरी, सम्मान नहीं… भावुक माहौल में चम्पावत पुलिस ने तीन कर्मयोगियों को दी गरिमामयी विदाई, तमाम लोगों की आँखे हुई नम।

➡️ निरीक्षक जितेन्द्र सिंह गर्ब्याल, इन्द्रजीत सिंह और एएसआई लक्ष्मण चन्द को सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्ति विदाई.

चम्पावत। लगभग तीन दशकों तक कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के बाद जब सेवा का अंतिम दिन आया तो पुलिस लाइन चम्पावत का माहौल भावुक हो उठा। कर्तव्यनिष्ठ सेवा, अनुशासन और समर्पण की मिसाल रहे तीन पुलिस अधिकारियों को मंगलवार को पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ विदाई दी गई।

पुलिस लाइन चम्पावत में पुलिस अधीक्षक रेखा यादव की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में अधिवर्षता पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे निरीक्षक जितेन्द्र सिंह गर्ब्याल, निरीक्षक इन्द्रजीत सिंह एवं अपर उपनिरीक्षक लक्ष्मण चन्द को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति-चिन्ह एवं सम्मान स्वरूप उपहार भेंट कर उनके उत्कृष्ट सेवाकाल को नमन किया गया।

अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कहा कि तीनों अधिकारियों ने अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली से विभाग की गरिमा को नई ऊँचाइयाँ दी हैं। उन्होंने कहा कि इनका सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ी के पुलिसकर्मियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारियों के स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वे आगे भी पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा बने रहेंगे और अपने अनुभवों से विभाग का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

विदाई के इस भावुक अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों ने भी अपने लंबे सेवाकाल की यादों को साझा किया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान मिले अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने युवा पुलिसकर्मियों से सत्यनिष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन और पूर्ण समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया तथा पूरे पुलिस परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।

समारोह के अंत में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने तीनों अधिकारियों को पुष्पगुच्छ एवं शुभकामनाएँ देकर भावभीनी विदाई दी। कई साथियों की आँखें नम दिखीं और पूरा वातावरण सम्मान, आत्मीयता तथा वर्षों की साझा यादों से भावुक हो उठा। यह विदाई केवल सेवा की समाप्ति नहीं, बल्कि कर्तव्य, समर्पण और ईमानदारी से भरे एक गौरवशाली सफर को सलाम करने का अवसर बन गई।

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