टनकपुर खटीमा हाइवे “सड़क कम, ट्रायल ट्रैक ज्यादा!”- हाईवे पर एनएच की मेहरबानी, उखड़ी सड़कें बन रहीं हादसों का सबब, बीती रात पुलिस कर्मी चोटिल।

➡️ अब तक कई लोग हो चुके हैं चोटिल, एनएच की लापरवाही दुर्घटनाओ को दे रहीं दावत.
➡️ गुरूवार को ही जगबूढ़ा के नजदीक स्कूटी सवार बुजुर्ग भी हुए घायल.
➡️ उखड़ी सड़क पर दो पहिया वाहन लगते हैं लहराने, डिसबैलेंस होकर बन रहे हैं हादसों का सबब.
➡️ जिलाधिकारी मनीष कुमार गंभीर, एनएच को दी हिदायत.
टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर-खटीमा हाईवे इन दिनों राष्ट्रीय राजमार्ग कम और “एडवेंचर स्पोर्ट्स ट्रैक” ज्यादा नजर आने लगा है। आर्मी कैंट से लेकर चंदनी क्षेत्र तक जगह-जगह सड़क को उधेड़ कर छोड़ दिया गया है, लेकिन उसे ठीक कराने की सुध लेने वाला शायद कोई नहीं। परिणाम यह है कि अब यह उखड़ी हुई सड़कें राहगीरों और वाहन चालकों के लिए रोजाना खतरे का कारण बनती जा रही हैं।

बीती रात एनएच की इसी लापरवाही ने एक और व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया। बनबसा से टनकपुर ड्यूटी कर वापस लौट रहे पुलिस जवान विक्रम बिष्ट की बाइक आर्मी कैंट के पास उखड़ी हुई सड़क पर फिसल गई। हादसे में उनके पैर में गंभीर चोट आई और टाँके लगाने पड़े। गनीमत रही कि हादसा और भयावह नहीं हुआ, वरना मामला जानलेवा भी हो सकता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच विभाग ने सड़क को जगह-जगह खोद तो दिया, लेकिन उसे दुरुस्त करने की जिम्मेदारी शायद भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। रात के समय यह उखड़ी सड़कें और भी खतरनाक साबित हो रही हैं। दोपहिया वाहन चालक हर दिन जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं।

उखड़ी हुई सड़क को देखकर प्रतीत होता हैं शायद एनएच विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, ताकि उसके बाद कागजों में संवेदनाएं व्यक्त कर ली जाएं और फिर वही पुराना राग— “कार्य प्रगति पर है।” लोगों ने प्रशासन और एनएच विभाग से तत्काल सड़क मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि आगे किसी और परिवार को इस लापरवाही की कीमत न चुकानी पड़े।

