“चम्पावत वॉइस” की खबर का हुआ बड़ा असर:- जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लिया तत्काल संज्ञान, नेहरू पार्क के “मौत के गड्ढे” पर शुरू हुई कार्रवाई।

टनकपुर (चम्पावत)। जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले समाचार पोर्टल “चम्पावत वॉइस” की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। नगर पालिका परिषद टनकपुर के नेहरू पार्क में लंबे समय से बने खतरनाक पानी से भरे गड्ढे को लेकर मंगलवार को आपके प्रिय “चम्पावत वॉइस डिजिटल व पोर्टल” के .. “नगर पालिका के नेहरू पार्क में द्रोपदी का रंग महल, घास के नीचे छिपा है मौत का गड्ढा, जिम्मेदारों को शायद हादसे का इंतजार” शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया।

जिले के तेजतर्रार जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को कड़ी फटकार लगाई और समस्या के शीघ्र समाधान के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर सक्रिय हो गया तथा पिछले एक वर्ष से उपेक्षित पड़े इस गंभीर मामले पर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर जल संस्थान की टीम ने नेहरू पार्क पहुंचकर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य प्रारंभ कर दिया। वहीं इससे पहले पुलिस प्रशासन ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए गड्ढे को सुरक्षित करने और आमजन की आवाजाही के दौरान किसी अनहोनी दुर्घटना की आशंका को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

गौरतलब है कि नेहरू पार्क में घास के नीचे छिपा यह पानी से भरा गहरा गड्ढा पिछले एक साल से बच्चों, बुजुर्गों और पार्क में आने वाले लोगों के लिए खतरा बना हुआ था। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया था। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं होती तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
अब जब जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद समस्या के समाधान की प्रक्रिया शुरू हो गई है, तो इसको लेकर क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। लोगों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार की तत्परता की सराहना करते हुए “चम्पावत वॉइस” का भी आभार व्यक्त किया है, जिसने जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को मजबूती से उठाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर पालिका ने इस गंभीर समस्या को पहले ही प्राथमिकता से लिया होता तो लोगों को एक वर्ष तक अनचाहे खौफ का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि लोगों ने राहत जताते हुए कहा कि सौभाग्य से किसी प्रकार की गंभीर दुर्घटना होने से पहले ही प्रशासन जाग गया और अब समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है।
बताते चले जनता की आवाज बनी पत्रकारिता जब जिम्मेदारी से सवाल उठाती है, तो व्यवस्था को जवाब देना ही पड़ता है। नेहरू पार्क का मामला इसका ताजा उदाहरण है। वहीं कहा जाता है….हादसे के बाद कार्यवाही होने के बजाय, हादसे से पहले सुरक्षा होना सुशासन की खास पहचान मानी जाती है, जिसको चम्पावत के तेज तर्रार और जनहित मे समर्पित जिलाधिकारी “मनीष कुमार” ने एक बार फिर जन समस्या कों प्राथमिकता देते हुए सच साबित कर दिया है।

