टनकपुर–दिल्ली मार्ग पर उत्तराखण्ड परिवहन निगम की वातानुकूलित बस सेवा चलाये जाने की दरकार, ताकि यात्रियों को मिल सके बेहतर परिवहन सेवा।

चम्पावत / टनकपुर। पहाड़ और मैदान का केंद्र टनकपुर उत्तराखण्ड राज्य का एक प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ कुमाऊँ अंचल का महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र भी है। यह नगर चम्पावत, पिथौरागढ़,लोहाघाट और आसपास के अनेक पर्वतीय क्षेत्रों को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने का प्रमुख माध्यम है। शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा, प्रशासनिक कार्यों, व्यापार और पर्यटन के उद्देश्य से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री टनकपुर से दिल्ली की यात्रा करते हैं। इसके बावजूद इस महत्वपूर्ण मार्ग पर उत्तराखण्ड परिवहन निगम की नियमित वातानुकूलित बस सेवा का अभाव आज भी यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बना हुआ है। वर्तमान समय में टनकपुर–दिल्ली मार्ग पर अधिकांश यात्री साधारण बसों या निजी बस सेवाओं पर निर्भर हैं। साधारण बसों में लंबी दूरी की यात्रा न केवल समयसाध्य होती है, बल्कि गर्मियों में अत्यधिक तापमान के कारण बेहद थकाऊ और असहज भी हो जाती है। वहीं निजी बसें अक्सर अधिक किराया वसूलती हैं और उनकी समय-सारिणी व सेवा गुणवत्ता भी हमेशा भरोसेमंद नहीं होती। ऐसे में एक सरकारी, सुरक्षित और वातानुकूलित बस सेवा की आवश्यकता और भी अधिक हो जाती है।
गर्मी के मौसम में मैदानी क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है। इस परिस्थिति में बिना वातानुकूलन के यात्रा करना बुज़ुर्गों, महिलाओं, बच्चों और बीमार यात्रियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर सकता है। वातानुकूलित बस सेवा यात्रियों को न केवल आरामदेह यात्रा का अनुभव देगी, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराएगी। लंबी दूरी की रात की यात्रा में भी वातानुकूलित बस यात्रियों की थकान को काफी हद तक कम कर सकती है।
टनकपुर एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन और सीमावर्ती व्यापारिक नगर है। यहाँ से दिल्ली के लिए यदि उत्तराखण्ड परिवहन निगम की वातानुकूलित बस सेवा शुरू की जाती है, तो यह रेल और सड़क परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। दूरदराज़ के पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले यात्री टनकपुर तक पहुँचकर सीधे, सुविधाजनक और भरोसेमंद सरकारी बस से दिल्ली जा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और यात्रा अधिक सुगम बनेगी।
पर्यटन की दृष्टि से भी यह सेवा अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है। पूर्णागिरि धाम, चम्पावत, पिथौरागढ़, मायावती आश्रम, एबट माउंट जैसे अनेक धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल टनकपुर के आसपास स्थित हैं। दिल्ली और अन्य महानगरों से आने वाले पर्यटक यदि सीधे वातानुकूलित बस द्वारा टनकपुर पहुँच सकें, तो पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे होटल, टैक्सी, स्थानीय व्यापार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे।
इसके साथ ही, उत्तराखण्ड परिवहन निगम के लिए भी यह सेवा आर्थिक रूप से लाभदायक हो सकती है। यात्रियों की बढ़ती माँग को देखते हुए वातानुकूलित बसों में अच्छी यात्री संख्या मिलने की पूरी संभावना है। इससे निगम की आय में वृद्धि होगी और उसकी सेवाओं की छवि भी सुदृढ़ होगी। एक सुव्यवस्थित समय-सारिणी, ऑनलाइन बुकिंग सुविधा और उचित किराया इस सेवा को और अधिक सफल बना सकते हैं।
अतः यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम और राज्य सरकार टनकपुर–दिल्ली मार्ग के महत्व को समझते हुए शीघ्र ही नियमित वातानुकूलित बस सेवा प्रारंभ करें। यह पहल न केवल यात्रियों की वर्षों पुरानी माँग को पूरा करेगी, बल्कि कुमाऊँ क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास में भी एक मील का पत्थर साबित होगी।
(शशांक पाण्डे की कलम से )


