उत्तराखंड रोडवेज संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारी संगठन का आमरण अनशन स्थगित, प्रबंधन और सरकार के सकारात्मक रुख के बाद 15 अगस्त तक दी गई मोहलत।

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उत्तराखंड रोडवेज संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारी संगठन का आमरण अनशन स्थगित, प्रबंधन और सरकार के सकारात्मक रुख के बाद 15 अगस्त तक दी गई मोहलत।

टनकपुर (चम्पावत)। उत्तराखंड रोडवेज संविदा विशेष श्रेणी कर्मचारी संगठन द्वारा अपनी एक सूत्रीय मांग— ‘नियमितीकरण’ को लेकर चल रहा आंदोलन निगम प्रबंधन और शासन के सकारात्मक आश्वासन के बाद आगामी 15 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि अपनी वर्षों पुरानी मांग को लेकर कर्मचारियों ने बीती 21 मई से 31 मई तक क्रमिक अनशन किया था। मांग पूरी न होने पर 01 जून से कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया था, जिससे रोडवेज प्रशासन और सरकार में हड़कंप मच गया।

वार्ता के आमंत्रण पर बनी सहमति……

कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश और बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए निगम प्रबंधन ने गंभीरता दिखाई। प्रबंध निदेशक (MD) की ओर से संगठन को औपचारिक वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भाजपा जिला महामंत्री मुकेश कलखुडिया, हरिश्चंद्र भट्ट की मुख्य भूमिका में मंडलीय प्रबंधक (टनकपुर) ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर अनशनकारियों से संवाद किया। सरकार और निगम प्रबंधन के इस सकारात्मक रुख को देखते हुए संगठन ने जनहित में अपने आंदोलन को 15 अगस्त तक के लिए आगे बढ़ाने (स्थगित करने) का निर्णय लिया है।

संगठन की चेतावनी…..

संगठन के मुताबिक यदि 15 अगस्त तक नियमितीकरण की एक सूत्रीय मांग पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन पूरे प्रदेश में इससे भी उग्र आंदोलन और आमरण अनशन के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष कैलाश भट्ट, गोकुल सिंह, शंकर सिंह, कैलाश आर्य, दिनेश जोशी, राजेश यादव, दिनेश कुमार, मनोज मनराल, रमेश कुमार, संकेत राणा, लईक अहमद, शंकर, नरेश सहित प्रदेशभर से आए सैकड़ों रोडवेज कर्मचारी और कई संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बताते चले क्रमिक अनशन के दौरान वार्ता के लिए सीएम कैम्प कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलन कारियो से वार्ता कर उनकी मांगो को गंभीरता पूर्वक मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था, लेकिन तब आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया, लेकिन मंगलवार को आश्वासन पर ही अनशन स्थगित किया जाना तमाम सवाल खड़े कर रहा हैं। फिलहाल 15 अगस्त तक नियमितीकरण की मांग पूरी हो पायेगी, इसका इन्तजार रहेगा।

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