उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ नें निगम की गंभीर स्थिति, बसों की कमी, कर्मचारियों के नियमीकरण तथा प्रदेश में व्याप्त डग्गामारी के विरोध में 28 नवम्बर को सीएम कैम्प कार्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का किया ऐलान।
टनकपुर (चम्पावत)। उत्तराँचल परिवहन मजदूर संघ द्वारा निगम की गंभीर स्थिति, बसों की कमी, कर्मचारियों के नियमीकरण तथा प्रदेश में व्याप्त डग्गामारी के विरोध में चलाये जा रहे “सत्याग्रह आंदोलन” के अंतर्गत 28 नवम्बर को सीएम कैम्प कार्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम निर्धारित किया है।
क्षेत्रीय मंत्री कुलदीप गुप्ता नें बताया “18 नवम्बर 2025” को “जिला मजिस्ट्रेट, चम्पावत” द्वारा संघ के पदाधिकारियों को बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था। बैठक में डीएम चम्पावत ने परिवहन निगम की समस्याओं एवं कर्मचारियों की परिस्थितियों को विस्तार से सुना। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अधिकांश समस्याएँ “शासन-स्तर की” हैं, अतः वे स्वयं सूबे के मुख्यमंत्री को इस संबंध में अवगत कराएँगे। यह बात उन्होंने “उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ का ज्ञापन स्वीकार करने के बाद कहीं।
जिलाधिकारी के साथ आयोजित बैठकमें संघ की ओर से देवेंद्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष, रामप्रीत यादव, प्रदेश महामंत्री, दीपचंद साह”, प्रदेश उपाध्यक्ष, कुनाल राठौर, संगठन मंत्री, रवि कुमार”, डिपो मंत्री आदि मौजूद रहे।
यूनियन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को निगम की वर्तमान दयनीय स्थिति, 700 नई बसों की तात्कालिक आवश्यकता, संविदा विशेष श्रेणी / तकनीकी कर्मचारियों के नियमीकरण, तथा प्रदेश में बढती डग्गामारी पर रोक से संबंधित सभी समस्याओं से अवगत कराया। संघ का कहना है कि सरकार को अब परिवहन निगम की समस्याओं पर तत्काल और ठोस निर्णय लेकर निगम तथा कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए। 28 नवम्बर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन इसी उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यूनियन नें बताया कि प्रदेश सरकार के समक्ष निगम की वास्तविक स्थिति को अधिक मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके। ताकि इसका समाधान संभव हो।

