चंपावत में कृषि महाविद्यालय की घोषणा का स्वागत, अब ज़रूरत है इसे धरातल पर उतारने की- आनंद सिंह माहरा

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चंपावत में कृषि महाविद्यालय की घोषणा का स्वागत, अब ज़रूरत है इसे धरातल पर उतारने की- आनंद सिंह माहरा

टनकपुर (चम्पावत)। टनकपुर बनबसा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पंतनगर विश्वविद्यालय की तर्ज पर चंपावत में कृषि महाविद्यालय खोलने की घोषणा निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है। यह निर्णय यदि हकीकत में धरातल पर उतरता है, तो चंपावत और आसपास के पर्वतीय जिलों की उन्नति की दिशा में यह एक ऐतिहासिक शुरुआत साबित हो सकती है। यह विचार कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनंद सिंह माहरा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से व्यक्त किये।

आनंद सिंह माहरा ने कहा चंपावत कृषि प्रधान क्षेत्र है, यहाँ के किसानों और युवाओं के लिए यह महाविद्यालय आधुनिक कृषि शिक्षा, वैज्ञानिक तकनीक और रोजगार के नए अवसर लेकर आएगा। परंतु यह तभी संभव होगा जब इस घोषणा को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर डीपीआर तैयार कर वास्तविक निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए। साथ ही यदि इस परियोजना में हॉर्टिकल्चर, फल, फूल एवं बागवानी को भी प्रोत्साहन दिया जाए, तो इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

उन्होंने कहा हम मुख्यमंत्री धामी के इस निर्णय का स्वागत और धन्यवाद करते हैं, साथ ही अपेक्षा करते हैं कि यह योजना शीघ्र ही मूर्त रूप ले, ताकि चंपावत और उससे जुड़े जिलों की उन्नति केवल घोषणा नहीं बल्कि वास्तविकता बन सके।

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